15 साल तक शिकायतें 19 साल तक नौकरी अब शिक्षक पर कार्रवाई की तैयारी निर्माण के दौरान भरभराकर गिरा बिल्डिंग का हिस्सागोंगलई रेलवे नाका के पास हुआ हादसा कांग्रेस जनों ने सरदार पटेल और इंदिरा गांधी को दी श्रद्धांजलि शैक्षणिक दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल उठने के बावजूद एक शिक्षक करीब 19 साल तक सरकारी नौकरी करता रहा। मामला बिरसा क्षेत्र की प्राथमिक शाला करियाटोला पंडरापानी में पदस्थ शिक्षक महादेव मरकाम का है जिन पर कथित फर्जी डीएड डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप है। हैरानी की बात यह है कि शिकायतकर्ता चित्रसेन राहंगडाले ने वर्ष 2011 से इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन कलेक्टर कार्यालय जनसुनवाई और न्यायालय तक शिकायत पहुंचने के बाद भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग ने शिक्षक की सेवा समाप्त करने के लिए जनपद पंचायत बिरसा के सीईओ को पत्र भेजा है। हालांकि नियुक्ति संस्था अब भी प्रकरण की जानकारी जुटाने की बात कह रही है। समीपस्थ ग्राम गोंगलई में रेलवे नाका के पास निर्माण कार्य के दौरान उस समय हडक़ंप मच गया जब अचानक निर्माणाधीन बिल्डिंग का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। देखते ही देखते मौके पर ईंटों और मलबे का ढेर लग गया। अचानक हुए इस हादसे से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई। हालांकि इस घटना ने निर्माण कार्य के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि घटना के बाद विभाग द्वारा मौके से गिरे हुए मलमे को हटाकर समतल कर दिया गया। निर्माणाधीन भवन का हिस्सा अचानक गिरने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर निर्माण के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं? क्या भवन निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा था? यदि मौके पर मजदूर या अन्य लोग मौजूद होते तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था। ऐसे में घटना की जांच कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल किया जाना जरूरी है। लालबर्रा स्थित रेस्ट हाउस में 31 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे ब्लॉक कमेटी लालबर्रा एवं ब्लॉक कांग्रेस खमरिया के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित कांग्रेस जनों ने देश के दो महान व्यक्तित्वों भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने दोनों महापुरुषों की जीवनी और उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था वहीं देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का बलिदान 31 अक्टूबर 1984 को हुआ था। यही कारण है कि 31 अक्टूबर को इन दोनों महान नेताओं की राष्ट्र सेवा और निर्णायक नेतृत्व को एक साथ याद किया जाता है। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151 वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर को बालाघाट में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। नेहरू युवा केंद्र जिला प्रशासन जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा केंद्रीय संचार ब्यूरो के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस एकता दौड़ में जनप्रतिनिधियों अधिकारियों विद्यार्थियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया। मुलना स्टेडियम से आयोजित रन फॉर यूनिटी को सांसद भारती पारधी ने पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। एकता दौड़ मुलना स्टेडियम से प्रारंभ होकर आंबेडकर चौक हनुमान चौक और काली पुतली चौक होते हुए पुन: आंबेडकर चौक पहुंची। यहां से प्रतिभागी वापस मुलना स्टेडियम पहुंचे जहां दौड़ का समापन हुआ।