भोपाल। रायसेन जिले के गैरतगंज तहसील से आए आदिवासी किसानों ने भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में अपनी व्यथा सुनाई। आदिवासियों का कहना है कि वे बीते 70-80 सालों से वन विभाग की जमीन पर रह रहे हैं लेकिन अब उन्हें लगातार कारण बताओ नोटिस दिए जा रहे हैं। किसानों को डर है कि कहीं उनके आशियाने भी कोसमी गांव की तरह न उजाड़ दिए जाएं। हालांकि कोसमी मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आदिवासियों को वहीं बसाने के फैसले से इनके मन में भी आस जगी है। हालांकि फैसला अभी विचाराधीन है लेकिन इसी उम्मीद के साथ किसानों ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उन्हें बेदखल न किया जाए और कोसमी की तर्ज पर राहत देकर वहीं स्थाई रूप से बसाया जाए।