राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक आवास परियोजना के लिए की गई बेदखली कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर गरीबों के घर तोड़ने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई को अमानवीय बताया। बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री और इंदिरा आवास योजना के तहत बने मकानों सहित कई घरों को तोड़ा गया जबकि प्रभावित परिवार वर्षों से वहां रह रहे थे। उन्होंने सरकार से उचित पुनर्वास और मुआवजे की मांग की तथा आरोप लगाया कि गरीबों को पर्याप्त सुविधाओं के बिना विस्थापित किया जा रहा है। वहीं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों को पहले नोटिस जारी किए गए थे और पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत पूरी की गई है। सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने सरकार के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने के उद्देश्य से मंत्रोच्चार का आदेश जारी किया गया है शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार के इस निर्णय के खिलाफ कांग्रेस से जुड़े लोगों ने अदालत का रुख किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकारी आदेश के अनुसार स्कूलों में मंत्रोच्चार जारी रहेगा। गजेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार अपने आदेश पर कायम है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मामले में अदालत का जो भी फैसला आएगा उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा सत्र 2026-27 के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। अब शैक्षणिक सत्र के बीच रिटायर होने वाले शिक्षक सत्र समाप्त होने तक स्कूलों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने से बचाना और शैक्षणिक व्यवस्था में निरंतरता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई शिक्षक शैक्षणिक सत्र के बीच सेवानिवृत्त होता है तो वह सत्र के अंत तक विद्यार्थियों को पढ़ा सकेगा। हालांकि यह व्यवस्था पूरी तरह स्वैच्छिक होगी। यदि कोई शिक्षक सत्र पूरा नहीं करना चाहता तो वह ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अधिकांश शिक्षक विद्यार्थियों के हित को देखते हुए पूरे सत्र तक सेवाएं देने के लिए सहमत रहते हैं। सरकार का यह निर्णय छात्रों को बीच सत्र में शिक्षक बदलने की परेशानी से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। बस्तर में धर्मांतरण के मुद्दे और मनीष कुंजाम के बयान पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने राज्य सरकार का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण को लेकर सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लेकर आ चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध तरीके से धर्मांतरण कर प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं को प्रभावित या समाप्त करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा अवैध धर्मांतरण के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।