मध्यप्रदेश में एक ओर कांग्रेस भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है तो दूसरी ओर पार्टी की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर **राहुल गांधी> से हस्तक्षेप की अपील करते हुए लिखा कि जब भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार कई चुनौतियों से जूझ रही है तब कुछ लोग पार्टी के भीतर ही निष्ठावान कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने संगठनात्मक एकता मजबूत करने की मांग की। उधर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा पर तीखा हमला बोला। वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पार्टी का स्लीपर सेल बताया था जिस पर पीसी शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताई। लगातार सामने आ रहे इन बयानों से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने से पहले कांग्रेस को अपनी अंदरूनी लड़ाई सुलझानी होगी? मध्यप्रदेश की राजनीति में फिलहाल कांग्रेस की गुटबाजी ही सबसे बड़ी चर्चा बनी हुई है।