प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 70 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर सभी जिलों के लिए रवाना किया। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस सेवा प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से शुरू हो गई है जिससे आपात स्थिति में लोगों को तेजी से बेहतर इलाज मिल सकेगा। इस पहल के तहत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल एम्बुलेंस भी शुरू की गई हैं जो नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल में अहम भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार मजबूत हो रही हैं और पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि उप-स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार से अब लोगों को छोटे इलाज के लिए दूर शहरों तक नहीं जाना पड़ रहा है। राजधानी रायपुर में सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कमिश्नरेट पुलिस ने एमडीएमए सप्लाई करने वाले सिंडिकेट के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें दिल्ली से ऑपरेट करने वाले मास्टरमाइंड भी शामिल हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी ‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ के जरिए सुनसान जगहों पर ड्रग्स छिपाकर लोकेशन शेयर करते थे। सप्लाई के लिए कोरियर और रैपिडो राइडर्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने 48 ग्राम से ज्यादा एमडीएमए पार्टी पिल्स मोबाइल फोन बाइक और अन्य सामान जब्त किया है जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन खासकर नाइजीरियन लिंक की जांच में जुटी है। केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान सामने आया है। बघेल ने कहा आज 31 मार्च है अमित शाह जी के कथन के अनुसार आज छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का आखिरी दिन होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने लोकसभा में यह कहकर गलत बयान दिया कि राज्य सरकार ने सहयोग नहीं किया।भूपेश बघेल ने अमित शाह को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि वे स्थान और समय तय करें वे चर्चा के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ ठोस काम किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने दो रणनीतियों पर काम किया—पहला स्थानीय लोगों का विश्वास जीतना और दूसरा जैसे-जैसे नक्सलवाद पीछे हटता गया वैसे-वैसे विकास को आगे बढ़ाना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में 600 गांवों को नक्सल प्रभाव से मुक्त कराया गया। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि नक्सलमुक्त गांवों को एक करोड़ रुपए देने की घोषणा का पैसा कब दिया जाएगा। बलौदाबाजार जिले के कसडोल से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एक वाहन चालक पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने कसडोल थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार स्वास्थ्य विभाग कसडोल में कार्यरत वाहन चालक सुरेन्द्र टंडन ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। महिला का आरोप है कि आरोपी ने 29 और 30 दिसंबर 2024 को आवेदन तैयार करने के बहाने उसे सरकारी अस्पताल के पास स्थित अपने शासकीय आवास में बुलाया। इस दौरान आरोपी ने उसके पति को फोटोकॉपी कराने के बहाने बाहर भेज दिया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे धमकी दी कि यदि उसने किसी को जानकारी दी तो उसकी नौकरी नहीं लगने दी जाएगी और उसे नुकसान पहुंचाया जाएगा। साथ ही आरोपी द्वारा नौकरी के नाम पर 4000 रुपये मांगने की बात भी सामने आई है। वहीं आरोपी सुरेन्द्र टंडन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि यह साजिश के तहत उन्हें फंसाने का प्रयास है। उनका दावा है कि उनके पास पीड़िता की ऑडियो क्लिप है जो उनके पक्ष को साबित कर सकती है। इस मामले में जिले की पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने कहा है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूपेश बघेल अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए असत्य बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे हुए और सभी नक्सल प्रभावित राज्यों की समीक्षा की गई। साय ने आरोप लगाया कि यदि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ने की इच्छाशक्ति दिखाई होती तो प्रदेश की स्थिति आज अलग होती। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में नक्सलवाद काफी हद तक सिमट चुका था लेकिन छत्तीसगढ़ में स्थिति बनी रही। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला और पूर्ववर्ती सरकार नक्सलवाद के खिलाफ दृढ़ता से कार्रवाई करने में इच्छुक नहीं थी।