शेयर बाजार में जोरदार तेजी आज 20 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी दर्ज की गई। BSE Sensex करीब 800 अंक यानी 1.07% उछलकर 75000 के महत्वपूर्ण स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी 240 अंक की बढ़त के साथ 23240 पर कारोबार कर रहा है। बाजार में इस तेजी की मुख्य वजह बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी रही। निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है हालांकि वैश्विक हालात के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना भी बनी हुई है। रुपए में ऐतिहासिक गिरावट भारतीय मुद्रा Indian Rupee आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 93.24 पर पहुंच गई। रुपए में यह कमजोरी लगातार बढ़ते तेल आयात बिल और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा भारतीय बाजार से पैसे निकालने के कारण आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो रुपए पर दबाव और बढ़ सकता है जिससे महंगाई पर भी असर पड़ेगा। तेल संकट और युद्ध का असर पश्चिम एशिया में जारी Iran–Israel conflict के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ईरान द्वारा खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों के बाद कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में 30% तक उछाल आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर भारत पर पड़ सकता है जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 से 15 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ सकता है। सोना-चांदी में बड़ी गिरावट ऊर्जा संकट और डॉलर की मजबूती के बीच कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई है। India Bullion and Jewellers Association के अनुसार चांदी की कीमत में 20000 रुपए की भारी गिरावट आई है जिसके बाद यह 2.30 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गई है। इससे पहले यह 2.50 लाख रुपए प्रति किलो थी। वहीं सोने की कीमत में भी करीब 7000 रुपए की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव भारत के ऊर्जा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जनवरी 2026 तक देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता 520.51 गीगावाट तक पहुंच गई है जो ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। बिजली की कमी जो 2014 में 4.2% थी वह दिसंबर 2025 तक घटकर मात्र 0.03% रह गई है जो आपूर्ति व्यवस्था में सुधार को दर्शाता है। सरकार द्वारा 1.85 लाख करोड़ रुपए के निवेश से 18374 गांवों का विद्युतीकरण किया गया और 2.86 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाई गई। इसके अलावा स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम लागू करने से पारदर्शिता और दक्षता में सुधार हुआ है। सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय स्रोतों में तेजी से बढ़ोतरी ने भारत को ऊर्जा सुरक्षा के मामले में और मजबूत बनाया है जिससे भविष्य में ऊर्जा संकट से निपटने की क्षमता भी बढ़ी है।