केंद्र सरकार के कानून को लेकर समूचे मध्य प्रदेश में चालक हड़ताल कर रहे हैं। सीहोर में भी हड़ताल का असर देखा जा रहा है। सीहोर क्रिसेंट चौराहे पर ड्राइवरो ने चक्का जाम करा 500 से अधिक बसों और ट्रको के पहिए थम गए हैं जिसके चलते यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। शाहपुरा पेट्रोलियम संयंत्र में भी चलने वाले टेंकरों के ड्राइवर ने हड़ताल कर दी है जिसके चलते दर्शल केंद्र सरकार ने कानून बनाते हुए दुर्घटना होने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 7 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया है। इस कानून का चालकों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि सरकार के इस काले कानून को हम किसी भी कीमत में नहीं मानेंगे। बस चालकों का कहना है कि अगर सरकार इस कानून को जल्द वापस नहीं लेती है तो और उग्र आंदोलन किया जाएगा। जबलपुर में रविवार को टैंकर चालकों ने हड़ताल कर दी थी तो वही आज सोमवार से बस चालकों के साथ ऑटो चालकों ने भी हड़ताल कर दी है। अगर जल्द ही हालात नहीं ठीक हुई तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है। साथी सभी ड्राइवर ने मिलकर कलेक्ट्रेट में जा कर कलेक्टर सतीश राय को ज्ञापन सोफा साथ मे कांग्रेस नेता हरगोविंद सिंह दरबार ने बोला कि हम सभी ड्राइवर के साथ है अगर कानून वापस नहीं लीया गया तो हम कांग्रेस के नेता सभी मैदान में उतरेंगे और ड्राइवर का समर्थन करेंगे