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अंतर्राष्ट्रीय
21-Jan-2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास सिविल लाइन में मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की शिक्षा सूचना प्रौद्योगिकी स्वास्थ्य और आबकारी नीति से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026-27 के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही नीति के क्रियान्वयन से संबंधित सभी आवश्यक कार्यवाहियों के लिए आबकारी विभाग को अधिकृत किया गया है। कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि के शैक्षणिक संस्थान की स्थापना का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके तहत प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था श्री विले पारले केलवणी मंडल (SVKM) को सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर आवंटित की जाएगी। यहां नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना की जाएगी जिससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में चार नए उद्यमिता केंद्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) को भी मंजूरी दी। इन केंद्रों से आईटी सेक्टर स्टार्ट-अप नवाचार और युवाओं के स्वरोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है। बैठक में राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करने और लैब संचालन को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने SIR मामले को लेकर कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह संभव ही नहीं है कि कोई किसी का नाम मनमाने ढंग से कटवा दे या जुड़वा दे। कांग्रेस गलत तरीके से तथ्यों को पेश कर रही है और अनावश्यक राजनीति के लिए कुछ भी कह रही है। विजय शर्मा ने कहा कि जो लोग घुसपैठिए हैं जिनके नाम 2003 के रिकॉर्ड में नहीं मिलते और जो बाहर से आए हैं ऐसे लोगों के नाम कट रहे हैं और कटना भी चाहिए। SIR के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जब विरोध का कोई तार्किक आधार ही नहीं है तो प्रदर्शन करने से क्या हासिल होगा। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित श्रीमंत शंकरदेव शोधपीठ लोकार्पण समारोह के दौरान RSS से जुड़े व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाए जाने के विरोध में NSUI ने प्रदर्शन किया। छात्र संगठन के नेताओं पुनेश्वर लहरे और हेमंत पाल के नेतृत्व में छात्रों ने काली झंडी दिखाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्र प्रतिनिधियों को हिरासत में लेकर रायपुर सेंट्रल जेल भेज दिया। NSUI ने इस कार्रवाई को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध की आवाज़ दबाने का प्रयास बताया है तथा पुलिस पर बर्बरता पूर्वक गिरफ्तारी का आरोप लगाया है। NSUI छात्र नेता पुनेश्वर लहरे ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को किसी भी वैचारिक संगठन का मंच बनाना शिक्षा की गरिमा स्वतंत्र सोच और अकादमिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि छात्र हितों और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। दुष्कर्म के आरोपी के घर पर की गई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराधी के घर पर बुलडोजर चलाने से क्या अपराध रुक जाएंगे? दीपक बैज ने सवाल उठाया कि सरकार लूट हत्या और डकैती जैसी घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर प्रयास क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और अपराधी बेलगाम घूम रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल घर तोड़ने से अपराध नहीं रुक सकता।