पुष्पा फिल्म का ये डायलॉग मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव पर सटीक बैठता है। मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाये जाने के बाद किसी को अंदाजा नहीं था कि इतने कम समय में वे अपनी अलग पहचान बना लेंगे। सत्ता संभालते ही डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेश की जनता का दिल जीत लिया है। सहज और सरल दिखने वाले CM मोहन यादव के एक के बाद एक कड़े फैसले लेने और उनके एक्शन को देखकर हर कोई कहा रहा है कि जिसे फ्लॉवर समझा वो फायर निकला! CM पद की शपथ लेते ही मोहन यादव अपने काम में जुट गए। कैबिनेट की बैठक कर 5 ऐतिहासिक फैसले कर उन्होंने सभी को चौका दिया। अधिकारियों ने भी उनके फैसले को गंभीरता से लिया और उनके निर्देशों को पूरा करने में जुट गए। प्रदेश से खुले में मांस की दुकाने हटाई जाने लगी। मंदिर मस्जिद से लाउड स्पीकर उतरने लगे। कैबिनेट बैठक में रजिस्ट्री के साथ नामांतरण प्रक्रिया सरल होने और दस्तावेजों के डिजिटलाइटेशन के साथ ही हर जिले में एक्सीलेंस कॉलेज के फैसले से आमजन के साथ ही किसानों और युवाओं को राहत मिली। दूसरे ही दिन अधिकारियों के साथ बैठक कर CM मोहन यादव ने विकास कार्यों की समीक्षा की। तीसरे दिन वो कालेज का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। इसके बाद मोहन यादव पुलिस हेड क्वार्टर पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने पुलिस के अधिकारियों को क्राइम कंट्रोल करने के निर्देश दिए। चौथे दिन वो अपने गृह जिले उज्जैन पहुंचे यहां वे PM नरेंद्र मोदी की विकसित भारत संकल्प यात्रा में शामिल हुए। उज्जैन प्रवास के दौरान उनका ऐतिहासिक स्वागत किया गया। इन सबके बीच बदमाशो और माफियाओं के घर पर मोहन यादव का बुलडोजर भी चलने लगा। मोहन यादव का एक्शन मोड़ देखकर माफिया और गुंडे बदमाशो में दहशत बैठ गई। एक्शन के साथ साथ मोहन यादव ने अपनी संवेदनशीलता भी दिखाई आधी रात को वे रैनवसेरा पंहुच गए यहां उन्होंने गरीबों की हाल जाना साथ ही उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार गरीबों के साथ खड़ी है। सीएम मोहन यादव विधानसभा में भी आत्मविश्श्वास से भरे नजर आए विपक्ष के सभी सवालों का बेबाकी से जबाब देते हुए उन्होंने प्रदेश की जनता को भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार अपने संकल्प पत्र के सभी संकल्पों को पूरा करने के साथ ही लाड़ली बहना जैसी तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं जनता के हित में चालू रखेगी। मोहन यादव ने अपने काम कार्यकाल में ही जनता को अहसास करा दिया है की आगे मध्यप्रदेश और भी समृद्ध खुशहाल और सुरक्षित होगा।