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अंतर्राष्ट्रीय
15-Oct-2026

कान्हा में फिर बाघ का हमला 48 वर्षीय महिला को किया लहूलुहान दो माह में तीसरा हमला जिला स्तरीय महाविद्यालयीन महिला कबड्डी प्रतियोगिता में १२ टीमें शामिल चयनित होने दिखाया जौहर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलने पर आक्रोश भारत बंद की दी चेतावनी कान्हा टाइगर रिजर्व के खापा क्षेत्र में बाघ के हमले की एक और घटना ने जंगल से लगे इलाकों में वन्यजीवों की मौजूदगी और ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार दोपहर जंगल में छिंद और अन्य काम से गई 48 वर्षीय सुनीताबाई पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। बाघ के पंजों से महिला के हाथ कमर और पैर में कई घाव हो गए। महिला के साथ मौजूद लोगों ने शोर मचाकर किसी तरह बाघ को पीछे हटने पर मजबूर किया जिसके बाद वह जंगल की ओर भाग गया। घायल महिला को सडक़ तक लाने के बाद परिजन बैहर अस्पताल पहुंचे जहां उनका उपचार जारी है। खापा क्षेत्र में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 2 अगस्त को सुगनी बाई और 7 अगस्त को राजकुमार पर भी बाघ हमला कर चुका है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने जंगल में जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। म.प्र शासन उच्च शिक्षा विभाग के खेल कैलेण्डर अनुसार 15 अक्टूबर को शासकीय कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय में एक दिवसीय जिला स्तरीय महाविद्यालयीन महिला कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के 15 महाविद्यालयों की टीमों ने भाग लिया है। इसमें खिलाडिय़ों ने आगामी संभाग स्तरीय महाविद्यालयीन महिला कबड्डी प्रतियोगिता में चयनित होने अपना जौहर दिखाया। मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग को 24 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलने पर ओबीसी महासभा ने आक्रोश जताते हुए 15 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट पहुंचकर संयुक्त कलेक्टर को राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। म.प्र उच्च न्यायालय के द्वारा ओबीसी वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के ही निर्णय को सही माना है। इस दौरान ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार ओबीसी वर्ग की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर मंजूरी नहीं होती तो प्रदेश व देशव्यापी आंदोलन करने व नवम्बर माह में भारत बंद करने की चेतावनी दी है। इस दौरान ओबीसी महासभा के पदाधिकारी सहित अन्य मौजूद रहे। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शारदेय नवरात्रि के अवसर पर शहर के पी.जी कॉलेज समीप स्थित पीएमश्री स्कूल मैदान में बंग समाज द्वारा पंचमी के दिन 15 अक्टूबर को बंगाली दुर्गा की स्थापना की गई। इस दौरान बंगाल से पहुंचे पुराहित द्वारा विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना कर आरती की गई। इस संबंध में दुर्गा उत्सव समिति के पदाधिकारी मनोज चक्रवती ने बताया कि 1964 से बंगाली दुर्गा की स्थापना की जा रही है और इस वर्ष 63 वां वर्ष है। इस वर्ष बंगाली कैलेण्डर के अनुसार सप्तमी दो तिथि में होने से इस वर्ष दशहरा के दूसरे दिन 21 अक्टूबर को मातारानी की प्रतिमा विसर्जित की जावेगी। बता दें कि बंगाली दुर्गा की स्थापना के बाद से ही शहर में मातारानी की प्रतिमा देखने लोगों की भीड़ शहर उमडऩे लगती है। केश शिल्पी सेन नाई समाज बालाघाट द्वारा मां काली पाठ मंदिर में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ चुनरी अर्पित की गई। ढोल-बाजे के साथ मंदिर पहुंचे समाजजनों ने विधि-विधान से मां काली की पूजा-अर्चना कर समाज परिवार और समस्त क्षेत्र की सुख-समृद्धि शांति एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया आयोजन के दौरान समाज के सदस्यों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां काली को चुनरी चढ़ाई और दर्शन कर आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने मां से सभी के जीवन में सुख स्वास्थ्य और समृद्धि बनाए रखने के साथ क्षेत्र की उन्नति एवं जनकल्याण की प्रार्थना की। रूपझर थाना अंतर्गत ग्राम बोडक़ी में 12 अक्टूबर को पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी पति सोनसिंह भलावी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पत्नी के चरित्र पर संदेह और पारिवारिक विवाद के चलते आरोपी ने कथित तौर पर लकड़ी और कुल्हाड़ी से हमला किया था। वारदात के बाद वह फरार होकर जंगल में छिप गया था। पुलिस ने ग्राम बोडक़ी और आमानाला के बीच जंगल में सघन सर्चिंग अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी सहित अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर ग्राम पंचायत गुडरू स्थित मां सती धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। पंचमी तिथि पर सुबह से ही माता के दर्शन और पूजन-अर्चन के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मां सती के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और धाम से जुड़ी स्थानीय मान्यताएं इस स्थल को क्षेत्र में विशेष पहचान दिला रही हैं। यहां माता की शीला और पेड़ पर नाग-नागिन के जोड़े की मौजूदगी को लेकर श्रद्धालुओं में खास आकर्षण देखा जा रहा है। मां सती धाम की चर्चित विशेषताओं में पेड़ पर नाग-नागिन के जोड़े का दिखाई देना भी शामिल है। श्रद्धालुओं के अनुसार करीब पांच वर्ष पहले नवरात्रि के दौरान पहली बार यहां नाग-नागिन का जोड़ा दिखाई दिया था। इसके बाद से सावन नवरात्रि और गणेश पर्व के दौरान इनके पेड़ पर नजर आने की बात कही जाती है। धाम पहुंचने वाले भक्त इस घटना को आस्था से जोडकऱ देखते हैं।