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क्षेत्रीय
24-Aug-2026

पूर्व सांसद मुंजारे का दावा मीजल्स से हुई 70 प्रतिशत बच्चों की मौतें आदिवासी संगठन का चौथे दिन भी हड़ताल जारी सरकार की निकाली शव यात्रा अंतिम सावन सोमवार को शिवालयों में गूंजे बम-बम भोले के जयघोष जिले के बैहर विधानसभा क्षेत्र के बिरसा ब्लॉक में अब तक 25 बच्चों की मौतें हो चुकी है। बावजूद इसके सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। अभी तक इस मामले में न तो किसी की जवाबदेही तय की गई है और न ही किसी पर कार्रवाई। यह आरोप पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने लगाए हैं। सोमवार को स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व सांसद मुंजारे ने कहा कि प्रदेश सरकार के दो-दो मंत्री बैहर क्षेत्र में पहुंचे लेकिन उन्होंने भी केवल औपचारिकताएं पूरी की। पूर्व सांसद ने आरोप लगाया है कि अभी तक जिन बच्चों की मौतें हुई है उनमें 70 प्रतिशत मौत मीजल्स के कारण हुई है। शासन-प्रशासन इस नाकामी को छिपाने का प्रयास कर रहा है। आदिवासी बैगा बच्चों की मौत के मामले में जिला मुख्यालय के जनपद पंचायत के समीप आदिवासी संगठन द्वारा किए जा रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चौथे दिन २४ अगस्त को भी जारी रहा। आदिवासी संगठन द्वारा सोमवार की शाम धरना स्थल से मध्यप्रदेश सरकार की शव यात्रा निकाली गई। जो कालीपुतली चौक से प्रमुख मार्गो का भ्रमण करते हुए वापस धरना स्थल पहुंच संपन्न हुई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व सांसद भारती पारधी व बैहर क्षेत्र के विधायक संजय उइके के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती है धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। जिले के बिरसा ब्लॉक के बैगा आदिवासी क्षेत्र में 24 बच्चों की मौत के मामले में NSUI ने सोमवार को पीजी कॉलेज के सामने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला का पुतला फूंकते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मंत्री के इस्तीफे की मांग की। NSUI ने मामले में दोषी मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी पर भी कार्रवाई की मांग उठाई। पदाधिकारियों का आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे लेकिन बच्चों की मौत वाले गांवों में जाने के बजाय मछुरदा पहुंचकर पुलिस चौकी में लोगों से चर्चा की। उन्होंने इसे महज औपचारिकता बताया। NSUI ने मृत बच्चों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये सहायता देने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर भोपाल में मुख्यमंत्री के घेराव की चेतावनी दी गई। जिले के बिरसा विकासखंड के कुंडेकसा अडोरी कोरका बोंदारी सहित प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का सघन सर्वे और उपचार अभियान जारी है। मौसमी बीमारियों सर्दी-खांसी बुखार चर्म रोग मीजल्स स्केबीज और मलेरिया से प्रभावित 237 बच्चों को अब तक अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनमें 209 बच्चे स्वस्थ हो चुके हैं और 28 का उपचार जारी है। 20 सर्वे दल घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। टीकाकरण अभियान में 6892 बच्चों को टीका लगाया गया है। 21 गांवों के 2808 मकानों में कीटनाशक छिड़काव किया गया। वहीं 18 गांवों में फॉगिंग और 21 गांवों में लार्वा सर्वे पूरा किया गया है। स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी और रोकथाम के प्रयास कर रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सावन मास पर शिवालयों में बम-बम भोले व रामायण पाठ की गूंज सुनाई दी। सावन के अंतिम सोमवार २४ अगस्त को शिवालयों में शिवलिंग का जलाभिषेक करने सुबह से देर शाम तक भक्तों की भीड़ लगी रही। भक्तों द्वारा अलसुबह ही स्नान ध्यान कर पूजन थाली व लोटा में जल लेकर शिवालय पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा व जलाभिषेक कर बेल पत्र व शमी पत्र की माला चढ़ाकर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की गई। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों से कांवड़ यात्रा भी निकाली गई। शहर मुख्यालय के शंकरघाट स्थित शिव मंदिर व जागपुर घाट शिवमंदिर में सुबह से भक्तों की कतार लगने लगी थी। मंदिरों से दिन भर हर हर महादेव बम बम भोले एवं भजन कीर्तन की गूंज से सारा वातावरण शिव की भक्ति से सराबोर हो गया। हट्टा थाना क्षेत्र के ग्राम धारावासी निवासी 48 वर्षीय गजेन्द्र पिता ज्ञानदास गनवीर की जहरीली वस्तु का सेवन करने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार गजेन्द्र ने रविवार को जहरीली वस्तु का सेवन किया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल पुलिस चौकी ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने शून्य पर मर्ग कायम कर जांच के लिए डायरी हट्टा थाना भेजी है। नगर मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक बजरंग मंदिर में सावन मास के पावन अवसर पर भक्ति का माहौल निर्मित है। विगत 46 वर्षों की अटूट परंपरा का निर्वहन करते हुए गत 30 जुलाई से मंदिर परिसर में अखंड रामायण पाठ निरंतर जारी है। इस धार्मिक अनुष्ठान में दिन के समय महिला मंडल और रात्रि में पुरुष व युवा वर्ग संगीतमय मानस चौपाइयों का भावपूर्ण पाठ कर रहे हैं। इस पाठ का विश्राम रक्षाबंधन के दूसरे दिन विधि-विधान से हवन-पूजन पूर्णाहुति एवं विशाल महाप्रसादी (भंडारे) के साथ होगा। ​मंदिर समिति के संरक्षक ज्ञानचंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 वर्षों से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 24 अगस्त को प्रातः 09 बजे बजरंग मंदिर से भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। जनपद पंचायत लालबर्रा की ग्राम पंचायत बहियाटिकुर में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को दोपहर करीब 2 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पंचायत भवन का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सरपंच सचिव और रोजगार सहायक पर शासकीय राशि की बंदरबांट का आरोप लगाया। उनका कहना है कि फर्जी बिल लगाकर और काम पर नहीं आने वाले लोगों के नाम मस्टररोल में दर्ज कर राशि निकाली गई। आय-व्यय का ब्यौरा मांगने पर जानकारी देने से इनकार किया गया। ग्रामीणों ने 18 अगस्त को जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। सावन माह के पावन अवसर पर खैरगांव स्थित शिवधाम में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ सैकड़ों महिला-पुरुष कावड़िए पवित्र जल लेकर शिवधाम पहुंचे। कावड़ियों के पहुंचते ही पूरा परिसर ‘बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और कावड़ यात्रा से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया। कावड़ियों के स्वागत के लिए क्षेत्रीय विधायक मधु भगत भी पहुंचे। उन्होंने चांगोटोला पचपेड़ी और घंघरिया क्षेत्र में कावड़ियों का स्वागत कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और धार्मिक यात्रा पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनी रही। सावन के पावन अवसर पर चांगोटोला क्षेत्र के खैरगांव स्थित शंकर मंदिर से श्रद्धा और भक्ति के साथ कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में क्षेत्र के 10 से 15 गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। कांवड़ यात्री मां नर्मदा के पवित्र तट पर पहुंचे जहां विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना की। इसके बाद कांवड़ में नर्मदा जल भरकर श्रद्धालु अपने गांवों की ओर रवाना हुए। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्पमाला पहनाकर यात्रियों का स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था की। मंडला विधायक एवं कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने भी कांवड़ यात्रियों का पुष्पमाला से स्वागत किया। बैहर विधायक संजय उइके ने बैगा आदिवासी बच्चों की मौतों की तीन प्रमुख वजह बताई है। कुपोषण मलेरिया और टीकाकरण नहीं होना इसमें शामिल है।पत्रकारों से चर्चा करते हुए विधायक उइके ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र को मलेरिया के हाईरिस्क जोन से हटाने से सरकार की एसओपी बदल गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में टीकाकरण नहीं किया गया। वहीं अप्रैल 2024 से 0 से 3 वर्ष तक बच्चों को पूरक पोषण आहार का वितरण नहीं किया गया है जिसके कारण कुपोषण की स्थिति उत्पन्न हुई।उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में पीएचई मलेरिया टीकाकरण और महिला एवं बाल विकास विभाग पूरी तरह से जिम्मेदार है।