बैगा आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर आदिवासी संगठन का अनिश्चितकालीन हड़ताल पुलिस ने 11.380 किलो गांजे के साथ दो आरोपियों को पकड़ा अंतिम सावन सोमवार पर शिवालयों में उमड़ेगी शिवभक्तों की भीड़ बैहर विधानसभा क्षेत्र के बिरसा अंतर्गत 24 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में आदिवासी संगठन द्वारा 21 अगस्त से जिला मुख्यालय के जनपद पंचायत कार्यालय के समीप अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन के तीसरे दिवस 23 अगस्त को धरना आंदोलन में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने पहुंचकर अपना समर्थन देते हुए स्वास्थ्य मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक के इस्तीफे दिए जाने व मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को निलंबित करने एवं मृत बच्चों के परिजनों को 25 लाख रूपए तत्काल व एक करोड़ रूपए सहायता राशि दिए जाने की मांग की है। वही धरना प्रदर्शन पर आदिवासी संगठन की राष्ट्रीय पदाधिकारी साधना उइके भी शामिल रही। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लालबर्रा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान 11.380 किलोग्राम गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। 22 अगस्त को ग्राम कनकी-बेहरई के बीच बालाघाट-लालबर्रा हाईवे पर पुलिस ने यामाहा बाइक क्रमांक TS-10-EG-5176 को रोककर तलाशी ली। नीले पिट्ठू बैग से सात बंडलों में गांजा मिला जिसकी कीमत करीब 5.69 लाख रुपये बताई गई। पुलिस ने आरोपी हितेश (35) और चेतन बांगरे (19) को गिरफ्तार कर बाइक व मोबाइल भी जब्त किए। श्रावण मास के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को कोटेश्वर धाम लांजी में बोल बम सेवा समिति द्वारा विशाल भंडारा महाप्रसाद का आयोजन किया जा रहा है। भंडारा प्रातः 10 बजे से कोटेश्वर धाम परिसर के समीप प्रारंभ होगा। आयोजन को लेकर समिति के सदस्यों एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। पूरे सावन माह में कोटेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही रही। विभिन्न सोमवारों पर बड़ी संख्या में कांवड़िए और शिवभक्त यहां पहुंचे तथा भगवान कोटेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। अंतिम सोमवार के अवसर पर आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई है। जिला तेली साहू समाज की बैठक रविवार को स्थानीय शीतल पैलेस होटल में आयोजित की गई। बैठक में समाज के उत्थान संगठन को मजबूत करने और सामाजिक गतिविधियों को गति देने सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सामाजिक आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करने तथा समाज की आय के स्रोत बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा सामाजिक भवन निर्माण सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और समाजहित में प्रभावी पहल करने पर भी चर्चा हुई। जिला एवं ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणी को सक्रिय करने तथा पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपकर संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। जिले के बिरसा अंतर्गत अडोरी ग्राम पंचायत के आदिवासी बच्चों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर आदिवासी समाज संगठन द्वारा जिला मुख्यालय में २३ अगस्त की शाम कैंडल मार्च निकालकर मृत बच्चों को श्रद्धाजंलि दी गई। वहीं संगठन के पदाधिकारियों ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों पर उचित कार्यवाही किए जाने व मृत बच्चों के परिजनों को तत्काल 25 लाख रूपए सहायता राशि दिए जाने की सरकार से मांग की है। इस अवसर पर काफी संख्या में आदिवासी संगठन के पदाधिकारी सहित आदिवासी बंधु उपस्थित रहे। सावन के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को शिवालयों में जलाभिषेक के लिए रविवार को शहर के शंकरघाट से विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में कांवड़ियों के जत्थे रवाना हुए। बब्बर सेना नवयुवक समिति टेकाड़ी सहित अन्य संगठनों ने कांवड़ में जल लेकर लांजी के कोटेश्वर धाम और डोंगरगांव के गुप्तेश्वर महादेव मंदिर के लिए यात्रा शुरू की। सोमवार को कांवड़िए भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करेंगे। वहीं पंख संस्था के तत्वावधान में महिलाओं ने भी कांवड़ यात्रा निकाली और डीजे की धुनों के साथ श्री शिव साईं मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया। अंतिम सावन सोमवार को कोटेश्वर धाम गुप्तेश्वर महादेव शंकरघाट और जागपुरघाट के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका एकता यूनियन बालाघाट की बैठक 23 अगस्त को शहर के बस स्टैंड स्थित धर्मशाला में आयोजित हुई। बैठक में संगठन की प्रदेश महासचिव किशोरी वर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख मांगों में हाईकोर्ट के आदेशानुसार 6 प्रतिशत एरियर एवं ग्रेच्युटी राशि का शीघ्र भुगतान आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित कर शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने तथा कार्यकर्ताओं से अनावश्यक राशि की वसूली बंद करने की मांग शामिल रही। बैठक में मांगों के निराकरण के लिए आगामी दिनों में बड़े आंदोलन की रणनीति बनाने पर भी सहमति बनी। इस अवसर पर जिले के सभी विकासखंडों से संगठन पदाधिकारी एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।