बेटी के दर्द ने पिता को बनाया कातिल : शराबी दामाद की गला घोंटकर हत्या नशे के खिलाफ चांगोटोला पुलिस का महाअभियान सड़कों पर उतरी खाकी 20 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे ग्रामीण जिले के वारासिवनी क्षेत्र में घरेलू हिंसा से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने 40 वर्षीय राजेन्द्र शरणागत की हत्या के आरोप में उसके ससुर राजेश चौहान उर्फ बाबा और उसके साथी प्रभुदयाल बिसेन को गिरफ्तार किया है। कटंगी एसडीओपी विवेक शर्मा के अनुसार 13-14 जुलाई को कोपे और डोंगरिया के बीच जंगल में राजेन्द्र का शव मिला था। एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि जांच में सामने आया कि राजेन्द्र शराब के नशे में पत्नी रानी के साथ अक्सर मारपीट करता था और अपनी खेती की जमीन भी बेच चुका था। लंबे समय से चल रहे पारिवारिक तनाव के चलते ससुर ने हत्या की साजिश रची। इस घटना से महिला विधवा हो गई जबकि उसके दो मासूम बच्चों का भविष्य भी संकट में पड़ गया। नशे की बढ़ती लत और उसके सामाजिक दुष्प्रभावों को रोकने के लिए मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के चांगोटोला थाना पुलिस द्वारा एक बेहद प्रभावी और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया नशा मुक्ति अभियान 2.0 के तहत पुलिस की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य न केवल समाज को जागरूक करना था बल्कि युवा पीढ़ी और स्कूली बच्चों को भविष्य में इस सामाजिक बुराई से बचाना था इस विशेष अभियान के तहत पुलिस बल ने चांगोटोला की मुख्य सड़कों पर मार्च निकाला और शासकीय स्कूलों में जाकर बच्चों का मार्गदर्शन किया विकास के दावों के बीच आज भी कई ग्रामीण क्षेत्र सड़क बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत लालबर्रा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलगांव का सामने आया है जहां वार्ड नंबर 12 के ग्रामीण आज भी पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। स्थानीय युवा ग्रामीण जितेन्द्र मरठे ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से वे और उनके क्षेत्र के लगभग 7-8 परिवार इस बदहाल रास्ते से आवागमन करने को मजबूर हैं। जितेन्द्र के अनुसार लगभग 4-5 साल पहले उनके द्वारा की गई शिकायत के बाद आधी दूर तक तो सीसी रोड (टोला निकलने तक) बनाई गई थी लेकिन उसके आगे का मार्ग आज भी कच्चा और जर्जर है। बीते 4 वर्षों में इस मार्ग पर न तो मुरम डाली गई और न ही बजरी। स्थिति इतनी बदतर है कि यदि किसी ग्रामीण की तबीयत खराब हो जाए तो वहां एम्बुलेंस पहुंचना तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच ने पिछले 4 सालों में एक बार भी आकर इस समस्या की सुध नहीं ली। अब परेशान ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सीएम हेल्पलाइन (181) पर शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया है ताकि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से उनकी समस्या का समाधान हो सके। युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने और समाज को व्यसन मुक्त बनाने के संकल्प के साथ लामता पुलिस इन दिनों पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। रविवार 19 जुलाई 2026 को लामता थाना प्रभारी (TI) जितेन्द्र चौहान के नेतृत्व में क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील और सार्वजनिक स्थलों पर नशा से दूरी जरूरी अभियान 2.0 के तहत एक वृहद जागरूकता और शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य युवाओं किसानों और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना है।