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व्यापार
11-Jun-2026

शेयर बाजार में गिरावट सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में आज 11 जून को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 200 अंक गिरकर 73700 के स्तर पर कारोबार कर रहा है जबकि निफ्टी लगभग 100 अंक टूटकर 23100 के आसपास पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर रहा जिसके कारण प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी शून्य केंद्र सरकार ने 22% से 30% तक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को शून्य कर दिया है। हालांकि E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को इस राहत के दायरे में शामिल नहीं किया गया है। सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इस फैसले से वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। सोना-चांदी में बड़ी गिरावट कीमती धातुओं के बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम पर 5373 रुपये घटकर 1.47 लाख रुपये रह गई। वहीं चांदी के दाम 12655 रुपये की गिरावट के साथ 2.33 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए। निवेशकों के लिए यह गिरावट बाजार की बदलती परिस्थितियों का संकेत मानी जा रही है। भारत में पहला एआई डेटा सेंटर बनाएंगे मेटा और रिलायंस टेक्नोलॉजी क्षेत्र में बड़ी खबर यह रही कि Meta Platforms भारत में अपना पहला एआई-सक्षम डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए Reliance Industries के साथ साझेदारी कर रही है। यह परियोजना देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में दिखेंगे अरबपति फुटबॉलर इस बार FIFA World Cup 2026 में पहली बार अरबपति खिलाड़ी मैदान पर उतरते नजर आएंगे। फोर्ब्स की सूची के अनुसार Cristiano Ronaldo सबसे अमीर खिलाड़ी हैं जबकि Lionel Messi दूसरे स्थान पर हैं। दोनों खिलाड़ियों की नेटवर्थ 1 अरब डॉलर से अधिक बताई गई है। टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होगा जिसमें पहली बार 48 टीमें और 104 मैच शामिल होंगे। एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में भारतीय कंपनियों की पकड़ कमजोर दुनिया के प्रमुख MSCI Emerging Markets Index के शीर्ष-10 सबसे मूल्यवान शेयरों की सूची में अब कोई भी भारतीय कंपनी शामिल नहीं है। शीर्ष-100 कंपनियों में भी भारत की अनुपस्थिति दर्ज की गई है। 100 अरब डॉलर से अधिक मार्केट कैप वाली भारतीय कंपनियों की संख्या घटकर केवल तीन रह गई है—Reliance Industries HDFC Bank और Bharti Airtel। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर एआई कंपनियों का तेजी से बढ़ता प्रभाव है जिसने उभरते बाजारों की निवेश तस्वीर को बदल दिया है।