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अंतर्राष्ट्रीय
30-May-2026

जबलपुर में राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने एक बार फिर अपने तेवरों से सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने महंगाई परीक्षा व्यवस्थाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों को आड़े हाथों लिया। तन्खा ने दोटूक कहा कि सरकार को जनता के सामने सच स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने चुनावी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आते ही पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की कीमतों को काबू में दिखा दिया जाता है और चुनाव बीतते ही दाम बढ़ा दिए जाते हैं जिससे सरकार की साख और विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो रही है।नीट सहित अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आ रहे घोटालों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विवेक तन्खा ने इसे देश की शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में बैठने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों की सालों की गाढ़ी कमाई और मेहनत दांव पर लगी है इसलिए दोषियों पर तत्काल सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ब्यूरोक्रेसी पर भी तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि आज के दौर में आम नागरिक की जायज समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है जबकि रसूखदारों और प्रभावशाली लोगों की जी-हुजूरी में पूरा प्रशासन तुरंत खड़ा हो जाता है जबलपुर। घमापुर थाना क्षेत्र के शोभापुर रेलवे ट्रैक पर मिली एक क्षत-विक्षत लाश को लेकर अब भारी बवाल मच गया है। दरअसल सदर निवासी मुकेश पासी ने आरोप लगाया है कि उनका 20 वर्षीय बेटा साहिल पासी बीते 22 तारीख को रांझी के एक होटल से काम करके लौटते समय लापता हो गया था जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 23 तारीख को रांझी थाने में दर्ज कराई गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि उसी 23 तारीख को घमापुर पुलिस को रेलवे ट्रैक पर एक लाश मिली जिसे पुलिस ने बिना शिनाख्त किए और परिजनों को कोई सूचना दिए बिना जल्दबाजी में लावारिस मानकर दफना दिया। पूरे 7 दिन बाद आज घमापुर पुलिस मृतक के पिता के घर पहुंची और उन्हें श्मशान ले जाकर बताया कि उनके बेटे की लाश को यहाँ दफनाया जा चुका है। इस खुलासे के बाद दुखी पिता परिजनों और क्षेत्रीय नागरिकों के साथ घमापुर थाने पहुंचे और जमकर आक्रोश जताया। परिजनों का सीधा आरोप है कि साहिल की हत्या करके साक्ष्य छुपाने के लिए उसकी लाश को रेलवे ट्रैक पर फेंका गया था ताकि मामला आत्महत्या का लगे। जबलपुर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र सिविक सेंटर का अब सुनियोजित तरीके से विकास किया जाएगा ताकि यहाँ आने वाले नागरिकों को यातायात पार्किंग और आवागमन में किसी भी तरह की परेशानी न हो। शुक्रवार को जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन और उपाध्यक्ष प्रशांत केसरवानी ने अधिकारियों की टीम के साथ पूरे सिविक सेंटर क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेडीए अध्यक्ष ने परिसर की समस्याओं को बारीकी से देखा और अधिकारियों के साथ उनके समाधान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सिविक सेंटर शहर का एक मुख्य कमर्शियल हब होने के साथ-साथ जेडीए का मुख्यालय भी है इसलिए यहाँ की व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और बंद पड़े कैफेटेरिया को भी तुरंत शुरू कराया जाए। उपाध्यक्ष प्रशांत केसरवानी ने साफ किया कि यहाँ होने वाले सभी विकास कार्य नागरिकों की सुख-सुविधाओं को ध्यान में रखकर ही किए जाएंगे। इस मौके पर जेडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दीपक वैद्य और कार्यपालन यंत्री संजय खरे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। जबलपुर के पाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत खमदेही गांव में शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे पुरानी रंजिश के चलते एक युवक को गोली मारने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार आरोपी रामनारायण पटेल और धर्मेंद्र रैकवार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था जिसकी वजह कुछ समय पहले धर्मेंद्र द्वारा रामनारायण के कर्मचारियों के साथ की गई मारपीट बताई जा रही है। इसी खुन्नस के चलते शनिवार सुबह जब दोनों का आमना-सामना हुआ तो आरोपी रामनारायण ने धर्मेंद्र पर गोली चला दी। गोली लगने से लहूलुहान हुए धर्मेंद्र को तुरंत पाटन अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जबलपुर रेफर कर दिया है। पाटन थाना प्रभारी गोपेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश के साथ-साथ मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। घनी आबादी वाले मिलौनीगंज क्षेत्र स्थित रूपरानी के बाड़े में शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि उसने पल भर में घरों के बाहर खड़े 8 वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया जिससे वे जलकर पूरी तरह राख हो गए। इस दौरान वाहनों के टायरों में हुए धमाकों और उठती लपटों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। हादसे के वक्त एक मकान के चारों तरफ आग और धुआं फैलने से एक परिवार अंदर ही फंस गया था जिन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए घर का छप्पर तोड़ा और उसी रास्ते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। संकरी गलियों के बावजूद सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दर्दनाक हादसे में किसी प्रकार की जनहानि तो नहीं हुई लेकिन करीब 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान जताया जा रहा है।