थिएटर से फिल्म तक का सफर बालाघाट का नवाज ‘गर्वनर’ फिल्म में आएगा नजर भटेरा में सीसी रोड निर्माण पर विवाद गहराया सरपंच-ग्रामीणों ने आरोपों को बताया निराधार वनवासी कहे जाने पर आदिवासियों ने फूंका गृह मंत्री शाह का पुतला प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। छोटे शहर या गांव से निकलकर भी कलाकार अपनी पहचान बना सकता है इसी बात को सच कर दिखाया है बालाघाट जिले के युवा कलाकार मोहम्मद नवाज खान ने जिन्हें अब बड़े पर्दे पर फिल्म ‘गर्वनर’ में अभिनय का मौका मिला है। शुक्रवार को शहर के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में नवाज खान ने बताया कि उनके अंदर कला का बीज परिवार से ही पड़ा। उनके पिता मोहम्मद फैय्याज खान भारतीय नौसेना में कार्यरत रहे हैं और उन्हें भी थिएटर से विशेष लगाव था। बचपन में पिता को मंच पर अभिनय करते देख नवाज के मन में भी अभिनय के प्रति रुचि विकसित हुई। मुंबई में थिएटर के साथ-साथ ग्राफिक डिजाइनिंग का कार्य करते हुए उन्होंने फिल्मों में अवसर पाने के लिए लगातार प्रयास जारी रखा। इसी दौरान उनकी मुलाकात कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा से हुई जिन्होंने उनके अभिनय से प्रभावित होकर अक्टूबर में फिल्म ‘गर्वनर’ में काम करने का मौका दिया। इस फिल्म में नवाज खान ने प्रमुख अभिनेता मनोज बाजपेयी के साथ अभिनय किया है। यह फिल्म जून में रिलीज होने जा रही है। नगर से लगे भटेरा क्षेत्र में भटेरा मिलन चौक से अवंति बाई चौक तक बने सीसी रोड को लेकर विवाद तेज हो गया है। हाल ही में जनपद पंचायत सदस्य प्रतिनिधि महेश मोहारे द्वारा सडक़ निर्माण में घटिया गुणवत्ता के आरोप लगाए गए थे। उन्होंने दावा किया था कि सडक़ दो से तीन महीने में ही खराब हो सकती है जिसके बाद गांव की राजनीति गरमा गई है। इस पर सरपंच भोरसिंह मोहारे उपसरपंच तेजलाल सुलाखे और पूर्व उपसरपंच दामोदर जंघेले सहित कई ग्रामीण सामने आए और आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया। ग्रामीणों का कहना है कि सडक़ निर्माण कार्य पूरी तरह नियमों और गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया गया है तथा राजनीतिक कारणों से अनावश्यक आरोप लगाए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार के ग्रह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासियों को वनवासी कहे जाने पर जिले के आदिवासी संगठन द्वारा विरोध कर स्थानीय कालीपुतली चौक में २९ मई की शाम गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंका गया। इस दौरान आदिवासी संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि हम इस देश के मूलनिवासी है वनवासी नहीं है। लेकिन गृह मंत्री द्वारा दिल्ली में जनजातीय समुदाय के महासंघ बुलाकर आदिवासियों को वनवासी कहा गया। जिसका पूरा आदिवासी समाज संगठन विरोध करता है। जिले में अवैध रेत खनन परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भटेरा और खैरी गांवों में 2500 से अधिक ट्रॉली रेत जब्त की है। संयुक्त टीम की इस छापामार कार्रवाई से रेत माफियाओं में हडक़ंप मच गया है। शुक्रवार को बालाघाट तहसील अंतर्गत ग्राम भटेरा एवं खैरी में परिवहन विभाग खनिज विभाग राजस्व अमला एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा छापामार कार्रवाई की गई। जांच के दौरान ग्राम खैरी में शासकीय एवं निजी भूमि पर लगभग 862 ट्रॉली खनिज रेत का अवैध भंडारण पाया गया। वहीं ग्राम भटेरा में शासकीय भूमि पर करीब 1650 ट्रॉली रेत लावारिस हालत में अवैध रूप से भंडारित मिली। कार्रवाई के दौरान संबंधित व्यक्तियों द्वारा रेत भंडारण के वैध दस्तावेज अथवा रॉयल्टी प्रस्तुत नहीं किए जा सके जिसके चलते नियमानुसार पूरी रेत को अज्ञात रूप से जब्त किया गया। बालाघाट-गर्रा-वारासिवनी मार्ग पर बने रेलवे ओव्हर ब्रिज (आरओबी) को 31 मई से यातायात के लिए खोलने की योजना फिलहाल टल गई है। फुटपाथ निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात प्रारंभ नहीं करने का निर्णय लिया है। आरओबी से 31 मई से यातायात प्रारंभ होने की तिथि नियत की गई थी। बालाघाट एसडीएम गोपाल सोनी ने सेतु निर्माण संभाग के एसडीओ अर्जुन सनोडिया के साथ ब्रिज का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज के ऊपरी हिस्से में फुटपाथ निर्माण कार्य अभी अंतिम चरण में है जिसे पूर्ण होने में लगभग दो से तीन दिन का समय और लगेगा। ऐसे में सुरक्षा एवं तकनीकी कारणों से 31 मई से यातायात प्रारंभ करना संभव नहीं होगा।