मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास से लौटकर मीडिया से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई जिसमें प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाने के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया गया। साथ ही बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए विस्तृत रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कहा है कि इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कानून के माध्यम से महिलाओं को 33% आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। राजधानी रायपुर में पीएम श्री स्वामी आत्मानंद स्कूलों को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डीडीयू ऑडिटोरियम में हुई इस बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव विभागीय अधिकारी और 700 से अधिक स्कूलों के प्राचार्य शामिल हुए। बैठक में स्कूल संचालन में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर रणनीति तैयार की गई। मंत्री ने कहा कि नए सत्र में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मुंगेली जिले में प्रस्तावित प्राइवेट एथेनॉल प्लांट के विरोध में ग्राम पंचायत सिल्ली के ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार चंद्र कुमार राही को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र पहले से ही सूखा प्रभावित है और पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ऐसे में एथेनॉल प्लांट शुरू होने से पानी की खपत बढ़ेगी जिससे जल संकट और गहरा सकता है। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि प्लांट से निकलने वाला विषैला धुआं और अपशिष्ट जल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगा जिससे लोगों के स्वास्थ्य पशुओं और जीव-जंतुओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्लांट पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर चक्का जाम और धरना प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। गरियाबंद जिले के मैनपुर जनपद में आयोजित सामान्य सभा की बैठक में अधिकारियों की गैरमौजूदगी को लेकर जनपद सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। माह में एक बार होने वाली इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी लेकिन अधिकांश विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे जिसे जनप्रतिनिधियों ने गंभीर लापरवाही माना। नाराज सदस्यों ने कार्रवाई का प्रस्ताव पारित कर कलेक्टर को पत्र भेजा है। उनका आरोप है कि कुछ माह पहले आंगनबाड़ी भर्ती में चयन समिति द्वारा धांधली की गई और लेन-देन कर अपात्र लोगों की नियुक्ति की गई। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग पर बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सामग्रियों के वितरण में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। बैठक में इन मुद्दों को उठाया जाना था लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति से चर्चा नहीं हो सकी। वहीं सवालों से बचने के लिए मैनपुर जनपद के सीईओ मीडिया को देखकर चेंबर छोड़कर निकलते नजर आए।