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क्षेत्रीय
25-Mar-2026

जबलपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित प्रधान डाकघर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पासपोर्ट शाखा में ईमेल के जरिए डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी भरा मेल मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी जिसके बाद मौके पर डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता पहुंचा।पूरे परिसर को एहतियातन खाली कराकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।हालांकि शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।फिलहाल साइबर सेल ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है वहीं पूरे मामले की गंभीरता से जांच जारी है। जबलपुर शहर में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत से आम उपभोक्ता खासे परेशान नजर आ रहे हैं।स्थिति यह है कि डीएसी नंबर मिलने के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल पा रही है।कई गैस एजेंसियों पर स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई है जिसके चलते लोगों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है।वहीं ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा रहा है जहां तकनीकी दिक्कतों के चलते बार-बार प्रयास करने के बाद भी बुकिंग कन्फर्म नहीं हो पा रही है।इस पूरी स्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। जमीन के नक्शों में गड़बड़ी को लेकर खापा ग्वारी और बंदरकोला के सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।ग्रामीणों का आरोप है कि बंदोबस्त के दौरान नक्शों में जानबूझकर गलत बदलाव किए गए हैं जिससे एक किसान की जमीन दूसरे के नाम दर्ज हो रही है। इस गलत सीमांकन के चलते गांव में विवाद और तनाव की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। इतना ही नहीं किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारी कुओं को भी निजी जमीन में दर्ज कर दिया गया है जो गंभीर अनियमितता है।जनप्रतिनिधियों ने राजस्व विभाग पर सीमांकन के नाम पर अवैध वसूली के भी आरोप लगाए हैं।किसानों ने प्रशासन से जल्द सुधार की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। देश में संभावित गैस संकट को देखते हुए जबलपुर रेल मंडल ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों में गैस सिलेंडर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके साथ ही पैंट्री कार में अब पारंपरिक गैस के बजाय इंडक्शन और आधुनिक हीटिंग एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बदलाव से जहां आग लगने जैसी घटनाओं का खतरा कम हुआ है वहीं व्यवस्था भी अधिक सुरक्षित बनी है।रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अस्पताल रनिंग स्टाफ और बेस किचन जैसी जरूरी इकाइयों में गैस की सप्लाई बाधित न हो। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रेलवे पूरी तरह तैयार होने का दावा कर रहा है।