सरोवर नगरी नैनीताल व उसके आसपास होली समाप्ति के बाद पर्यटकों की आवाजाही में इजाफा होने लग गया है। यहाँ बता दें छलड़ी के दिन कई पर्यटकों ने रंगों वाली होली भी यही खेली। आज सुबह से ही आसमान साफ नजर आ रहा था गुनगुनी धूप छाई हुई थी। पर्यटक भी नोकविहार का लुफ्त उठाते नजर आ रहे थे। साथ ही स्थानीय कारोबारियों ने अपनी अपनी दुकान सजा रखी थी जिसमें पर्यटक व स्थानीय लोग खाते पीते चहल कदमी करते हुए देखे गए। गढ़वाल और कुमाऊँ के आंगनबाड़ी केंद्रों को भेजी जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर लगातार शिकायतें मिलने के बाद डीएम खुद माडी चौक स्थित गोदाम पहुंचे और पूरे स्टॉक का निरीक्षण कराया निरीक्षण के दौरान गोदाम में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं कई पैकेटों पर मैन्युफैक्चर और एक्सपायरी डेट संदिग्ध मिली तो कई पर तारीख का कोई स्पष्ट उल्लेख तक नहीं पाया गया छापेमारी के दौरान गोदाम में बाल श्रमिक भी काम करते मिले जिस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए गोदाम संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। लालकुआँ कोतवाली क्षेत्र में होली पर्व के दौरान कई जगह अराजकता का माहौल रहा जिसे रोकने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से नाकाम दिखाई दिया कांग्रेस एस.सी. विभाग के कार्यकारी जिलाध्यक्ष नैनीताल रमेश कुमार के छोटे भाई बिन्दुखत्ता निवासी प्रेम प्रकाश ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि होली के दिन वह अपने चाचा के घर मौजूद थे। इसी दौरान क्षेत्र के कुछ दबंग किस्म के लोग वहां पहुंचे और जबरन दुकान खोलने का दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के दौरान जब घर पर मौजूद उनके जमाई सागर अरोरा बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया जिससे उनका अंगूठा कटकर अलग हो गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बद्रीनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत मध्य पिंडर रेंज में चेपड़ों और सौगांव गांवों के जंगल में भयंकर आग लगी हुई हैयह आग चेपड़ों खाड़ीबगड़ सौगांव जूनिधार और गोठिंडा के जंगलों तक फैल गई हैजिससे चेपड़ों गांव के गौशालाओं को खतरा उत्पन्न हो गया है और ऊपर की तरफ आग की लपटें जूनिधार गांव तक पहुंच गई है इस आग ने लगभग 20 हेक्टेयर से अधिक जंगल को अपने आगोश में ले लिया है आग की धधक 50 मीटर तक पहुंच रही हैअग्नि शमन कर्मचारी और वन विभाग की टीम भी इस धधक के आगे लाचार है खड़ी चट्टान और घने चीड़ के लीसे वाले जंगलों में आग की लपटें 20 फीट ऊंची तक जा रही है आग लगने से जलते हुए पेड़ और पत्थर स्टेट हाईवे थराली- देवाल मोटरमार्ग पर भी आ रहे हैं जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों और राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है। उत्तराखंड सरकार ने सदन में आम बजट प्रस्तुत करने से पहले आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पर पत्रकार वार्ता की हैँ. प्रमुख सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड प्रदेश ने 2022 के मुकाबले हर सेक्टर में तरक्की की हैँ. NCAR भारत सरकार की एजेंसी के साथ मिलकर उत्तराखंड सरकार ने जॉइंट एक्सरसाइज करते हुए आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्टको तैयार किया हैँ. 2022 की तुलना में 2025 में GSDP 381880 करोड़ होकर डेढ़ गुना बढ़ी हैँ. वहीँ पर कैपिटा इनकम 194000 से बढ़कर 273921 हुई है. इसके अलावा ग्रोथ रेट पिछले साल 7.23 प्रतिशत रहा हैँ. गरीबी दर की बात की जाये तो 2022 में 9.7 थी जो अब घटकर 6.92 प्रतिशत है. इसके साथ ही कई सेक्टर ऐसे हैँ ऊर्जा बिजली शिक्षा सभी में बेहतर काम किया हैँ. साथ ही पर्यटन जैसे क्षेत्र में और काम किया जा रहा हैँ. बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के 23 पदों पर चुनाव के नतीजे आने के बाद बतौर विजयी प्रत्याशी अधिवक्ताओं ने जीत की खुशी मनाई। इसी कड़ी में बार काउंसिल उत्तराखंड के सदस्य पद में तिसरी बार विजयी रहे वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने समर्थकों संग अपनी खुशी को साझा किया। वरिष्ठ अधिवक्ता अपने इस जीत के जश्न को लेकर सबसे पहले शहीद स्मारक पहुंचे जहां उन्होंने राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों को नमन कर अपनी आगे की यात्रा के लिए आशीर्वाद लिया। वहीं अपनी इस जीत को लेकर उन्होंने अपने अधिवक्ता साथियों वरिष्ठ अधिवक्ताओं और युवा अधिवताओं का धन्यवाद दिया मां गंगा के तट पर बसे परमार्थ निकेतन में होली का पर्व दिव्य आध्यात्मिक और ऊर्जावान वातावरण में मनाया गया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं साध्वी भगवती सरस्वती के सान्निध्य में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर सौहार्द और प्रेम के रंगों के साथ यह उत्सव मनाया। इस अवसर पर जाति भाषा और भौगोलिक सीमाओं को पीछे छोड़कर दुनिया भर से आए योग साधक और जिज्ञासु एक वैश्विक परिवार के रूप में नजर आए। आश्रम का परिसर रंगों की बौछार और आपसी भाईचारे की मिसाल बन गया। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा किहोली का असली संदेश दूसरों के जीवन में खुशियों के रंग भरना है। किसी के जीवन से रंग छीनना नहीं। मानवता ही वह रंग है जो हर भेदभाव को मिटाकर सबको जोड़ता है। जब हम सेवा और सद्भाव को अपनाते हैं। तभी जीवन वास्तव में रंगीन और सार्थक बनता है।