बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में लालबाग मैदान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर के विकास का रोडमैप पेश करते हुए कहा कि अगले 5 वर्षों में क्षेत्र को विकसित बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव-गांव में स्कूल सड़क बिजली और नेटवर्क पहुंचाया जा रहा है तथा 27 दिसंबर तक सभी गांवों में बिजली देने का लक्ष्य है। हर 5 किमी में बैंक सुविधा किसानों का पूरा धान खरीदी और प्रति व्यक्ति 5 किलो राशन देने की भी बात कही। गृह मंत्री ने माओवादियों से हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार पुनर्वास की पूरी व्यवस्था करेगी। ‘पूना मारगेम’ योजना के तहत करीब 2500 माओवादी सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने पर्यटन विकास होम-स्टे ग्लास ब्रिज 128 एकड़ औद्योगिक क्षेत्र सिंचाई परियोजनाओं रावघाट परियोजना और युवाओं के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण जैसी योजनाओं की घोषणा की। अमित शाह ने भरोसा जताया कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर नक्सलवाद-मुक्त होगा। गरियाबंद जिले में पीएम श्री स्कूल में पिछले 5 दिनों से चल रहे विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया जब सैकड़ों छात्र प्राचार्य हटाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। छात्र रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम को ज्ञापन सौंपकर प्राचार्य वंदना पाण्डेय पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच व कार्रवाई की मांग की। एडीएम ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। विवाद तब शुरू हुआ जब अक्टूबर 2025 में निलंबित प्राचार्य वंदना पाण्डेय को बहाल कर दोबारा स्कूल में पदस्थ किया गया। इसके विरोध में शिक्षकों ने भी आदेश निरस्त करने की मांग की थी। अब छात्रों के प्रदर्शन के बाद डीईओ ने प्राचार्य की री-पोस्टिंग का आदेश निरस्त कर दिया है वहीं वायरल रील मामले में संबंधित शिक्षिकाओं को नोटिस जारी किया गया है। फाइलेरिया उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 10 से 25 फरवरी तक प्रदेश के 18 जिलों में सघन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा वितरित करेंगे साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में भी दवा उपलब्ध रहेगी। सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम तीन चरणों में संचालित होगा जिसमें अलग-अलग आयु वर्ग के लिए तीन प्रकार की दवाएं दी जाएंगी। इसका उद्देश्य फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के संक्रमण को रोकना और इसे जड़ से खत्म करना है। छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में शासकीय दफ्तरों में आग लगने की घटनाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में रायपुर के लाभांडी स्थित आबकारी भवन के ऑडिट रूम में आग लगने से कई फाइलें और कंप्यूटर उपकरण जल गए हालांकि विभाग ने दस्तावेजों को नुकसान नहीं होने की बात कही है। इससे पहले रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित शिक्षा विभाग के डीईओ कार्यालय में आग लगने से फाइलें जली थीं जबकि हाल में रायगढ़ के मत्स्य विभाग कार्यालय में भी आग की घटना सामने आई। अधिकतर मामलों में शॉर्ट सर्किट को वजह बताया गया है। ऑडिट शुरू होने के बीच इन घटनाओं पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि ऑडिट से पहले दस्तावेज और कंप्यूटर उपकरण जलना संभावित गड़बड़ियों की ओर इशारा करता है हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।