एमपी विधानसभा के अंतरिम बजट सत्र के छठे दिन सदन में नर्मदा में मिलने वाले सीवेज को लेकर हंगामा हुआ। इस बीच सरकार की ओर से जवाब आया कि दो साल के अंदर नर्मदा में मिलने वाले सीवेज को रोका जाएगा। दरअसल सदन में जबलपुर से कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने जबलपुर नगर का गंदा पानी नर्मदा नदी में मिलने पर ध्यानाकर्षण किया। लखन घनघोरिया ने कहा कि मैं 10 साल से यह मुद्दा उठा रहा हूं लेकिन एक ही तरह का जवाब आता है। लेकिन धरातल पर स्थित कुछ और ही है। गंदे नालों का पानी मां नर्मदा में मिल रहा है। नर्मदा हमारी धार्मिक आस्थाओं का केंद्र है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री ने सुबह कहा है नर्मदा को सभी मां का दर्जा देते हैं। वहां सीवेज का पानी मिलने से रोकना है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि वह कोशिश करेंगे कि 2 साल के अंदर ऐसे निकायों का गंदा पानी नगरीय क्षेत्र में मिलने से रोक देंगे। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाएगा। इस दौरान अन्य सदस्यों ने कहा कि महापौर चुनाव के समय 100 दिन में नर्मदा नदी में गंदे नाले को मिलने से रोकने की घोषणा की गई थी पर कुछ नहीं हुआ