MP में कांग्रेस ने केवल एक सीट पर क्यों लगाया होल्ड? मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने केवल इस सीट पर क्यों लगाया होल्ड? MP में कांग्रेस के 88 प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने गुरुवार आधी रात को 88 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की। इसमें पहली लिस्ट में जारी 144 सीटों में से 3 सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं। ये सीटें दतिया पिछोर और गोटेगांव हैं। भाजपा से कांग्रेस में आए दीपक जोशी को खातेगांव से टिकट दिया गया है। कांग्रेस अब तक 230 सीटों में से 229 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। एक मात्र बैतूल जिले की आमला सीट होल्ड पर है। आमला बैतूल जिले का वो इलाका है जहां से मध्य प्रदेश सरकार की अधिकारी निशा बांगरे चुनाव लड़ना चाहती हैं. चूंकी अभी निशा बांगरे का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है इस कारण उनके चुनाव लड़ने पर संशय है. कहा जा रहा है जिस तरह से निशा बांगरे के आंदोलन का समर्थन कांग्रेस ने किया है वो पार्टी की आधिकारिक प्रत्याशी हो सकती है. संभावना है कि इस्तीफा मंजूर होने के हालात पर कांग्रेस ने उनसे टिकट के लिए कमेटमेंट भी कर दिया है. ADR की रिपोर्ट में खुलासा 46 को दोबारा टिकट एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और मध्यप्रदेश इलेक्शन वॉच ने बुधवार को रिपोर्ट जारी की है। प्रदेश के 230 विधायकों में से 93 के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज हैं। खास बात ये है कि इनमें से 46 विधायकों को प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए टिकट भी मिल गया है। आपराधिक छवि वाले विधायकों में से कांग्रेस के 32 तो भाजपा के 13 विधायक शामिल हैं। इनमें पांच मंत्री भी हैं। रामबाई को बीएसपी से टिकट दिया गया है। अखिलेश यादव ने कहा- कांग्रेस धोखेबाज सपा प्रमुख अखिलेश यादव मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस से नाराज हैं। गुरुवार को उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी बताया। उन्होंने कहा कांग्रेस के नेताओं ने हमें बुलाकर पूरे आंकड़े देखे और भरोसा दिया कि 6 सीटों पर सपा के लिए विचार करेंगे लेकिन सीटें घोषित की गईं तो सपा शून्य रही। मध्यप्रदेश में गुलाबी ठंड ने दे दी दस्तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के आगे बढ़ते ही मध्यप्रदेश में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। दिन-रात दोनों ही पारे में एवरेज 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हुई है। पचमढ़ी सबसे ठंडा है जबकि भोपाल इंदौर जबलपुर और ग्वालियर में भी पारे में लुढ़का है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अक्टूबर महीने में मौसम ऐसा ही रहेगा। नवंबर में तेज सर्दी की शुरुआत होगी।