मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली को नई दिशा देते हुए ई-गवर्नेंस को सशक्त आधार बनाया है। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी सरल और जनहित केंद्रित बनाना है। राजधानी देहरादून सहित प्रदेशभर में शुरू किए गए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और जनहित पोर्टलों के माध्यम से अब नागरिक घर बैठे आवेदन शिकायतें और सुझाव दर्ज कर पा रहे हैं। डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से न केवल समय और संसाधनों की बचत हो रही है बल्कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ी है। ई-गवर्नेंस के तहत ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली जनसुनवाई पोर्टल डिजिटल प्रमाणपत्र सेवाएं ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल रोजगार प्रयाग पोर्टल भूदेव ऐप तथा विभागीय एप्स—जैसे सीएम हेल्पलाइन 1905 ई-ट्रांसपोर्ट और अपणी सरकार पोर्टल—नागरिकों के लिए उपलब्ध हैं। इन सेवाओं से कार्यालयों के चक्कर कम हुए हैं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है। रुड़की से बड़ी खबर सामने आ रही है जहां ठंड के बढ़ते प्रकोप के बीच उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री विनय रोहिला ने देर शाम रुड़की में औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक महकमे को हरकत में ला दिया। राज्यमंत्री विनय रोहिला ने नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर शीतकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सड़कोंचौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था को परखा गया।औचक निरीक्षण की भनक लगते ही नगर निगम कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। कहीं अलाव सुलगते दिखे तो कहीं व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की हड़बड़ी नजर आई हालांकि राज्यमंत्री निगम की व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्ट नजर आए।निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री विनय रोहिला ने रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्थानों पर पहुंचकर ठंड से जूझ रहे गरीब और जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। हाल ही में देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों की रैगिंग करने का प्रकरण सामने आया। जिस पर कॉलेज प्रबंधन की एंटी रैगिंग कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर 9 छात्र दोषी पाए गए। वहीं इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने सभी 9 छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है और मुख्य रूप से इन 9 छात्रों में से दो छात्र जिनके द्वारा रैगिंग की गई उन पर 50-50 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा इन सभी छात्रों को अगले 3 महीनों के लिए कॉलेज से सस्पेंड किया गया है। वहीं इसको लेकर दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने कहा कि इन दो छात्रों के अलावा अन्य 7 छात्रों को इस सेमेस्टर से डिबार्ड कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की कड़ी कार्रवाई सभी छात्रों के लिए सीख रहेगी कि आगे से कोई भी छात्र किसी की रैगिंग नहीं कर सकेगा। समान अधिकार और एक समान कानून की दिशा में देश को नई राह दिखाने वाली उत्तराखंड की ऐतिहासिक पहल समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को 27 जनवरी को एक वर्ष पूरा हो जाएगा। इस मौके पर राज्य सरकार इसे केवल सरकारी आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक चेतना और न्याय के उत्सव के रूप में मनाने जा रही है। पहली बार 27 जनवरी को प्रदेशभर में ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ आयोजित किया जाएगा जिसका राज्य स्तरीय कार्यक्रम राजधानी देहरादून में होगा। जिसमे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शिरकत करेंगे। वहीं भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है ओर अनेक राज्य भी यूसीसी को अपने राज्य में लागू करना चाह रहे है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जो यूसीसी कानून बना है वह पूरे देश के लिए नजीर बने। गीता भवन में आयोजित कल्याण शताब्दी महोत्सव में शामिल होने आ रहे गृहमंत्री अमित शाह से मिलने जा रही कई संगठनों की महिलाओं को पुलिस ने जानकी झूला पुल के पास रोक दिया। बिना परमिशन मिलने की जिद पर अड़ी महिलाओं की पुलिस के साथ बहस बाजी भी हुई। महिलाओं ने जब गृहमंत्री अमित शाह से मिलने की जिद नही छोड़ी तो पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती हिरासत में लिया और ऋषिकेश कोतवाली ले आई। इस दौरान महिलाओं ने बताया कि वह क्षेत्र की तमाम समस्याओं को लेकर गृहमंत्री अमित शाह से मिलने के लिए जा रही थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें परमिशन न होने की बात कह कर जानकी झूला के पास रोक दिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि ना तो वह बांग्लादेशी हैं और ना ही वह कोई आतंकवादी हैं। वह उत्तराखंड की आम नागरिक हैं और गृह मंत्री से मिलकर क्षेत्र की समस्याओं को बताना चाहती हैं। बावजूद इसके पुलिस ने उनकी एक न सुनी और उन्हें जबरदस्ती हिरासत में लेकर ऋषिकेश कोतवाली ले आई। जन जन की सरकार जन जन के द्वार कार्यक्रम के तहत अगस्त्यमुनि विकासखण्ड के नगरासू में प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा की अध्यक्षता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा अपने अपने विभागों की प्रदर्शनी लगाकर सरकार की लोक कल्याण कारी योजनाओं का प्रचार भी किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों द्वारा 105 शिकायतें दर्ज की गई जिनमें सबसे अधिक रेलवे राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग व सिंचाई से संबंधित रहीं। प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने अधिकांस शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया शेष शिकायतों को जिलाधिकारी को निर्देश देकर तत्काल निराकरण के निर्देश दिये।