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क्षेत्रीय
22-May-2021

देश की सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक सद्भावना बनाए रखने की है। ऐसा ही कुछ ग्राम झरखेड़ा में देखने को मिला जब यहां पर मौजूद ग्राम झरखेड़ा के सरपंच प्रतिनिधि समाजसेवी सुरेश विश्वकर्मा, दोराहा नायब तहसीलदार एसअर देशमुख, थाना प्रभारी केजी शुक्ला सहित किसानों ने दो सौ साल पुराने कब्रिस्तान के मार्ग के लिए सद्भावना से रास्ता देना तय किया। उक्त सामुहिक फैसला मिल का पत्थर साबित होगा। हम बात कर रहे है। ग्राम झरखेड़ा स्थित सवा तीन एकड़ में फैले कब्रिस्तान की जहां पर मरने वालों को दफनाने के लिए अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन मुस्लिम समाज की मांगों पर गौर करते हुए नायब तहसीलदार एस आर देशमुख और किसानों ने एक साथ मिलकर उक्त समास्या का समाधान किया है जिससे आने वाले दिनों में करीब दो किलोमीटर का रास्ता पक्का हो जाएगा और दफनाने में आ रही कठिनाईयों से मुक्ति मिलेगी। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार ग्राम झरखेड़ा, दोराहा जोड़ सहित आस-पास के मुस्लिम वर्ग के लोगों को पिछले कई सालों से बारिश के दौरान मरने वालों को दफनाने के लिए अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था, आस-पास के किसानों के खेतों से निकलकर कब्रिस्तान तक पहुंचना पड़ता था, बारिश के दिनों में जल जमाव के कारण तो कई बार तैरकर भी रास्ता तय करना पड़ता था, लेकिन शुक्रवार को जहां पहुंचे प्रशासनिक अमले ने किसानों के सहयोग से सद्भावना का रास्ता निकालते हुए सवा तीन एकड़ में फैले इस कब्रिस्तान तक जाने वाले दो किलोमीटर मार्ग के समतलीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। इस मौके पर ग्राम झरखेड़ा के सरपंच प्रतिनिधि समाजसेवी सुरेश विश्वकर्मा, दोराहा तहसीलदार एसआर देशमुख, थाना प्रभारी केजी शुक्ला सहित किसानों के आपसी सहयोग से तय किया है कि आगामी दिनों में इस मार्ग को मुरमीकरण करते हुए नाले किनारे से एक रास्ता बनाया जाएगा जो नाले से लगा हुआ बनेगा और कब्रिस्तान तक पहुँचेगा। इस मौके पर सभी ने इस फैसले पर खुशी जाहिर की है।