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क्षेत्रीय
07-Apr-2021

पिछले लॉक डाउन के दौरान ऐनकेन प्रकारेण अपना पैसा वसूल लेने वाले शिक्षण संस्थान अब कोरोना के दूसरे दौर में कोरोना की रोकथाम के लिये लागू किये गये प्रोटोकाल को तोडऩे पर आमादा हैं। शहर में होमसाइंस कालेज के सामने वाली गली ऐसी ही एक कोचिंग को कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर चलते पाया गया। लोगों की इस बात की सूचना प्रशासन को भी दी है। जीकेएम नामक इस नर्सिंग कोचिंग संस्थान का संचालन इंदौर की एक संस्था द्वारा किये जाने की जानकारी सामने आई है। इस कोचिंग में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रा छात्राओं को बुलाया जा रहा है। कोचिंग मे सोशलि डिस्टेंसिंग का सरेआम उल्लंघन हो रहा है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने ब्रीफिंग में अपडेट देते हुये कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने मास्क लगाने एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों सख्ती से पालन करने की अपील जिले के सभी नागरिकों से की है । श्री शर्मा ने बताया कि जो व्यक्ति कोरोना के बेसिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं उनके विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार कार्यवाही भी की जा रही है । जुर्माना के साथ-साथ ऐसे लोगों को अब अस्थाई जेल भेजा जा रहा है । इसके लिये शहर में छह स्थानों पर अस्थाई कारावास बनाये गये हैं । कलेक्टर ने कोरोना मरीजों के उपचार की व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी । उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं उनके उपचार के लिये शहर के शासकीय एवं निजी अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड्स उपलब्ध है कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये प्रशासन तो अपनी ओर से प्रयास में जुटा ही है अब धर्माचार्यों ने भी सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाल लिया है। इस कड़ी में जगदगुरू रामद्वाराचार्य स्वामी राघव देवाचार्य महाराज ने आज नर्मदा के पावन तट तिलवाराघाट में लोगों को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा के लिये मास्क पहनने की समझाइश दी । इस मौके पर उन्होंने खुद अपने हाथों से कई लोगों को मास्क पहनाया और कोरोना की महामारी से बचाव का इसे सबसे महत्वपूर्ण उपाय बताये। उनका कहना है कि अकेले प्रशासन के कंधे पर महामारी से निपटने का बोझ डालना उचित नहीं होगा हम सबको को समनवेद परिश्रम करना होगा नगर निगम ऑफिस मैं आज सफाई कर्मियों ने हंगामा करते हुए नगर निगम आयुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपा नगर निगम सफाई कर्मियों का कहना है कि एच एस सर्विस प्रोवाइडर कंपनी द्वारा उनका जनवरी माह का वेतन नहीं दिया जा रहा है जिसको लेकर सफाई कर्मियों ने पहले भी नगर निगम आयुक्त के नाम ज्ञापन दिया था पर ज्ञापन देने के 15 से 20 दिन हो जाने के बाद भी आज तक उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ है। इस मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त का कहना है कि एचएस सर्विस प्रोवाइडर कंपनी से बातचीत करके सफाई कर्मियों की समस्या का निराकरण किया जाएगा। सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि पूरे शहर में जिस प्रकार से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है उसको लेकर भी नगर निगम द्वारा उन्हें व्यापक सुविधाएं जैसे फेस मास्क सैनिटाइजर पीपीई किट आदि भी नगर निगम द्वारा नहीं दी जा रही है । कोरोना गाइड लाइन का उल्लंधन करने वालों पर प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही की है । बिना मास्क पहने सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे 15 से अधिक लोगों को लाल स्कूल सदर स्थित अस्थाई जेल भेजा गया। एसडीएम रांझी दिव्या अवस्थी के नेतृत्व में गोराबाजार क्षेत्र में पुलिस के सहयोग से की गई कार्यवाही । गौरतलब है कि प्रशासन कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिये लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे मॉस्क पहने और सार्वजनिक स्थान पर दो गज की दूरी बनाये रखें पर शहर में एक वर्ग ऐसा है जो हठधर्मिता पर उतारू है। प्रशासन अब ऐसे लोगों को खुली जेल में बंद कर रहा है। निजीकरण के विरोध में मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम फार पावर एम्पलाइज एंड इंजीनियर्स के बैनर तले विरोध प्रदर्शन हुआ। अधिकारी और कर्मचारी दफ्तर तो आए लेकिन काम नहीं किया। ये विरोध का तरीका था जो फोरम के आह्वान पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनाया। इसके पश्चात प्रतिनिधि मंडल ने कंपनी प्रबंधन के नाम ज्ञापन भी दिया। इस दौरान फोरम ने विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग रखी। ज्ञापन पूर्व क्षेत्र कंपनी की महाप्रबंधक मानव संसाधन विभाग की प्रमुख कविता बाटला को सौपा गया। फोरम के एसके पचौरी ने बताया कि ज्ञापन में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं की गारंटी, पेंशन फंड की गारंटी उत्तर प्रदेश शासन की तरह करने समेत विभिन्न् मांगों को शामिल किया गया। साथ नहीं ले जाने पड़ेंगे लाइन बॉक्स लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट को ड्यूटी पर अपने साथ लाइन बॉक्स ले जाने पड़ते थे, जिसमें ड्यूटी के दौरान काम आने वालें उपकरण, हरी एवं लाल झंडियां, रोड मैप पुस्तिका, जीएसएंडआर एवं एक्सीडेंट पुस्तिका उसमें रखी रहती है। यह लाइन बॉक्स इतना भारी होता है कि उसे लाने-ले जाने में पायलट को मुश्किल होती थी। अधिकतर जंक्शन स्टेशनों पर आने वाले क्रू एवं जाने वाले क्रू के लाइन बॉक्स उतारने एवं चढ़ाने के लिए रेलवे का बहुत मेन पावर खर्च होता था एवं समय भी खर्च होता था, लेकिन अब पश्चिम मध्य रेल ने एक कॉमन लाइन बॉक्स का निर्माण कर उसे प्रचलन में लाया गया है। ये लाइन बॉक्स इंजन में हमेशा रखा रहता है, जिसमें डयूटी के दौरान क्रू के सदस्यों को उपयोग होने वाले आवश्यक उपकरण एवं सामग्री रखी रहती है। सुबह 11 से शाम पांच बजे तक होगी सीमित सुनवाई जिला अदालत में अब सुबह 11 से शाम पांच बजे तक सभी न्यायाधीश सीमित सुनवाई करेंगे। इस संबंध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आदेश जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में जिला अदालत में जिला न्यायाधीश और अपर सत्र न्यायाधीशों द्वारा सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक और व्यवहार न्यायाधीश और जेएमएफसी द्वारा दोपहर दो से शाम पांच बजे तक दो शिफ्टो में सुनवाई करने का आदेश जारी किया गया था। इस आदेश के खिलाफ जिला अधिवक्ता संघ ने सोमवार को सामान्य सभा की बैठक आयोजित की थी। सामान्य सभा की बैठक में सुनवाई का समय परिवर्तित करने की मांग की गई थी। संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक और सचिव राजेश तिवारी ने बताया कि दो शिफ्टों में सुनवाई होने से कोरोना का संक्रमण बढऩे की आशंका थी। सुनवाई का समय परिवर्तित किए जाने का अधिवक्ता संघ ने स्वागत किया है। 60 वर्षीय वृद्धा ने नर्मदा के सरस्वतीघाट में छलांग लगा दी। आसपास के नाविकों ने उसे बचाया तो बोली की मर जाने दो। मुझे ठंडा हो होना है। मुझे धरती छोडऩा है। निकाले जाने के बाद भी उसने हाथ छुड़ाकर एक बार और छलांग लगाई। हालांकि इस बार भी उसे बचा लिया गया। भेड़ाघाट पुलिस ने उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जानकारी के अनुसार वृद्धा चौकीताल की रहने वाली है। दोपहर 12 बजे के लगभग वह सरस्वती घाट पहुंची और छलांग लगा दी। वहां मौजूद नाविकों ने उसे निकाला और पुलिस को खबर दी। जब तक पुलिस पहुंचती, उसने हाथ छुड़ाया और एक बार और छलांग लगा दी। कोरोना वायरस को देखते हुए एमपी से छत्तीसगढ़ के बीच में संचालित बस सेवा पर अगले आठ दिनों के लिए रोक लगा दी गई है। अपर परिवहन आयुक्त ग्वालियर ने उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ से न तो एमपी में बसें प्रवेश करेंगी और न ही यहां की बसें छत्तीसगढ़ में 15 अप्रैल तक जा सकेंगी। जानकारी के अनुसार प्रदेश में जबलपुर, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, उमरिया, शहडोल, कटनी, रीवा, सतना, सिंगरौली आदि जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 100 के लगभग बसें संचालित होती हैं। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, भिलाई के लिए बसों का संचालन होता है। दोनों राज्यों के बीच में रोज लगभग आठ से दस हजार लोग यात्रा करते हैं।