मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन को अब पारंपरिक व्यवसाय से आगे बढ़ाकर एक संगठित उद्योग बनाने की तैयारी है। मोहन सरकार के फिशरीज इन्वेस्टर्स एक्सपोर्ट कॉन्क्लेव का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। मंदसौर के गांधी सागर जलाशय में केज कल्चर फार्मिंग के लिए 300 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई है। एम्बिट ईको वैंचर और उसकी रणनीतिक साझेदार शिरोमणि इंडस्ट्रीज के इस निवेश से मत्स्य पालन को नई तकनीक औद्योगिक पहचान और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।एम्बिट ईको वैंचर के चेयरमैन राम बहादुर सिंह के मुताबिक कंपनी मध्यप्रदेश में केज कल्चर फार्मिंग के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इस परियोजना में शिरोमणि इंडस्ट्रीज मैन्युफैक्चरिंग और रणनीतिक साझेदार के रूप में काम करेगी। जिसके तहत गांधी सागर जलाशय में 10 हजार केज लगाने के लिए अनुबंध किया गया है। इस परियोजना के तहत केज कल्चर फार्मिंग के साथ फीड मिल हैचरी और फिश प्रोसेसिंग प्लांट जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।