शेयर बाजार में 1100 अंक की तेजी सेंसेक्स 73850 के पार 15 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 1100 अंक यानी 1.50 प्रतिशत चढ़कर 73850 के स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी में 300 अंकों की तेजी आई और यह 22900 के पार कारोबार करने लगा। आईटी और FMCG शेयरों में खरीदारी रही जबकि सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को बाजार में तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। WhatsApp का नया गेस्ट कॉलिंग फीचर बिना अकाउंट के जुड़ सकेंगे लोग WhatsApp ने गेस्ट कॉलिंग फीचर पेश किया है जिसकी मदद से बिना WhatsApp अकाउंट और ऐप इंस्टॉल किए भी लोग कॉल में शामिल हो सकेंगे। इसके लिए यूजर को कॉल का लिंक भेजना होगा। सामने वाला व्यक्ति लिंक पर क्लिक करके सीधे कॉल से जुड़ सकता है। इस सुविधा से उन लोगों के साथ भी आसानी से बातचीत की जा सकेगी जो WhatsApp का इस्तेमाल नहीं करते हैं। आज से खुले कई IPO निवेशकों को मिलेगा मौका 15 अक्टूबर से कई कंपनियों के आईपीओ निवेश के लिए खुल गए हैं। इनमें सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशन जेटवर्क और टोनबो इमेजिंग इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन आईपीओ के जरिए निवेशकों को विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों में निवेश करने का अवसर मिलेगा। निवेश करने से पहले संबंधित कंपनियों का प्राइस बैंड आईपीओ की अंतिम तारीख और लिस्टिंग शेड्यूल जांचना जरूरी है। रेलवे काउंटर से टिकट लेने वालों को भी मिलेगा यात्रा बीमा रेलवे काउंटर से रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को भी अब यात्रा बीमा लेने की सुविधा मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रेलवे को यह सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। आदेश के मुताबिक 27 अक्टूबर से इसे लागू किया जाना है। अभी तक यह सुविधा मुख्य रूप से ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों को मिलती थी। काउंटर से टिकट लेने वालों के लिए भी बीमा विकल्प ऑनलाइन बुकिंग की तरह वैकल्पिक रहेगा। IDBI बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC IDBI बैंक में अपनी कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स की कंपनी फेयरफैक्स को बेचने जा रहे हैं। इस सौदे की कीमत 52877 करोड़ रुपये बताई गई है। यह विनिवेश एअर इंडिया की बिक्री के बाद सरकार के बड़े विनिवेश सौदों में शामिल है। इस कदम से बैंक में सरकार और LIC की हिस्सेदारी घटेगी तथा निजी निवेशक की भागीदारी बढ़ेगी।