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21-Sep-2026

बालाघाट. सरकारी फोर्टिफाइड चावल की कथित हेराफेरी की जांच अब हर्ष राइस इंडस्ट्रीज के संचालक और पूर्व मंत्री और भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार (राजकुमार) कावरे तक पहुंच गई है। करीब ढाई माह से फरार चल रहे कुमार कावरे को एसआईटी ने 20 सितंबर को भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र स्थित रचना टॉवर इलाके से गिरफ्तार किया था। सोमवार को उन्हें वारासिवनी न्यायालय में पेश किया गया जहां से अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। खास बात यह रही कि पुलिस ने कुमार कावरे की पुलिस रिमांड नहीं मांगी। कुमार कावरे की गिरफ्तारी को इस मामले में अब तक की अहम कार्रवाई माना जा रहा है। हर्ष राइस इंडस्ट्रीज का नाम सरकारी चावल की कथित हेराफेरी की जांच में सामने आने के बाद एसआईटी ने मिल से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य खंगाले थे। इससे पहले हर्ष राइस इंडस्ट्रीज से जुड़े बिजनेस पार्टनर विनोद शर्मा गोपाल ठाकुर और कावरे परिवार के भतीजे अविनाश कावरे को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकारी चावल की कथित हेराफेरी का मामला 3 जून को वारासिवनी में सरकारी चावल से भरा ट्रक पकड़े जाने के बाद सामने आया था। इधर मामले में नामजद संचेती राइस मिल के संचालक गंभीर संचेती और उनके पुत्र सौरभ संचेती अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। दोनों के करीब साढ़े तीन माह से फरार होने की जानकारी है। कुमार कावरे की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी के सामने फरार आरोपितों तक पहुंचने और कथित चावल हेराफेरी में पैसों के लेनदेन चावल की आवाजाही तथा संबंधित मिलों की भूमिका से जुड़े सवालों की कडिय़ां जोडऩे की चुनौती है। जांच में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।