मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत ओटी टेक्नीशियन के 288 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में बड़ा अंतरिम आदेश देते हुए 31 मार्च को जारी मेरिट लिस्ट और उसके आधार पर दी गई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य शासन चिकित्सा विभाग और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार मूल विज्ञापन के समय निर्धारित पात्रता शर्तों के आधार पर आवेदन लिए गए थे। लेकिन इसके बाद 10 अगस्त को नियमों में संशोधन कर पात्रता के प्रावधान बदल दिए गए जिससे बाद के नए अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिलने लगा। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में इस तरह का बदलाव संविधान के समान अवसर के अधिकार के खिलाफ है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने मामले को विचारणीय मानते हुए फिलहाल मेरिट लिस्ट और नियुक्तियों पर रोक लगाई है। मामले की अगली सुनवाई 5 सितंबर 2026 को तय की गई है। जबलपुर के खमरिया थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां रहने वाली आदिवासी महिला तिज्जो बाई और उनके भाई मंगलसिंह ने जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर दिलीप यादव और उनके पुत्र विवेक यादव पर पैतृक जमीन की बिक्री की राशि में बड़ा फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने उनकी पैतृक जमीन 78.50 लाख रुपये में बेची थी लेकिन इसके एवज में भाई-बहन को केवल 10 लाख रुपये ही दिए गए। आरोप है कि बाकी बचे 68.50 लाख रुपये धोखाधड़ी कर उनके ही हस्ताक्षर वाले चेक के माध्यम से अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। पीड़ितों ने आरोपियों पर जान से धमकी देने का भी आरोप लगाया है और प्रशासन से उचित कानूनी कार्रवाई करते हुए अपनी बकाया राशि वापस दिलाने की मांग की है। जबलपुर के मदन महल फ्लाईओवर पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है जहां कल देर रात एक तेज रफ्तार कार ने एक्टिवा सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक्टिवा चालक फ्लाईओवर से सीधा नीचे जा गिरा जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मदन महल निवासी प्रमोद दास के रूप में हुई है जो पिछले 15 वर्षों से करोंदा नाला बाईपास शराब दुकान पर काम करता था। मृतक के भाई प्रदीप कुमार दास ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कल रात करीब 1 बजे जब उन्होंने प्रमोद को फोन किया तो उसने फोन नहीं उठाया। इसके कुछ देर बाद जब उनके भतीजे ने फोन मिलाया तो किसी अनजान व्यक्ति ने फोन उठाया और इस भयानक हादसे की सूचना दी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में गुरुवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई जब एक्स-रे विभाग और सेंट्रल लैब के बीच बना करीब 20 फीट लंबा छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। छज्जे के धराशाई होते ही तेज आवाज गूंज उठी जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में कुछ देर के लिए भारी दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि पुरानी बिल्डिंग के इस हिस्से से रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में यह घटना अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और पुराने भवनों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे के समय छज्जे के नीचे कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था जिससे एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया।घटना के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और अस्पताल के कर्मचारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए मलबे के आसपास आवाजाही पर रोक लगाई। इस घटना के बाद से मरीजों और उनके परिजनों में चिंता बढ़ गई है क्योंकि अस्पताल का पुराना भवन कई जगहों से जर्जर हो चुका है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द जर्जर हिस्सों की जांच करवाकर आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे ताकि भविष्य में किसी अनहोनी से बचा जा सके। जबलपुर के ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गांजा तस्करों को दबोच लिया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 11 किलो गांजा बरामद किया गया है जिसकी अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार आयुर्वेदिक कॉलेज ग्वारीघाट स्टेशन के पास मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति गांजे की बड़ी खेप लेकर किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी की और 26 वर्षीय मनीष कोरी(निवासी गोरखपुर गुरुद्वारे के पीछे तथा 52 वर्षीय मदन विश्वकर्मा निवासी कटड़ा मोहल्ला पाटन को धर दबोचा। रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गुरुवार दोपहर 12 बजे जल निकासी की मात्रा बढ़ा दी गई है। बांध के चार और गेट खोल दिए गए हैं जिसके बाद अब सभी 13 जल द्वार औसतन 2.15 मीटर की ऊंचाई तक खुले हैं और बांध से 3988 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे पहले बांध के 9 गेट औसतन 0.78 मीटर तक खुले थे और 1031 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही थी। गुरुवार सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 421.15 मीटर दर्ज किया गया जबकि बांध में 1761 क्यूमेक पानी की आवक हो रही थी। जल निकासी बढ़ने से नर्मदा नदी के जलस्तर में शाम तक 8 से 10 फीट तक वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। वर्तमान में पुराने पुल के नीचे पानी करीब 2 से 3 फीट की दूरी पर बह रहा है। जलस्तर बढ़ने पर शाम तक पानी तिलवाड़ा क्षेत्र तक पहुंचने और तिलवाड़ा का पुराना पुल डूबने की आशंका है। यदि पानी की आवक इसी तरह बनी रही तो शाम तक चार और गेट खोलने की तैयारी भी की जा सकती है। इसे देखते हुए परियोजना प्रशासन ने नर्मदा नदी के घाटों और तटीय क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।