छत्तीसगढ़ में स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध में प्रदेशभर में व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। एक ओर कांग्रेस ने सभी जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन किया वहीं दूसरी ओर विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे मीटर रीडरों ने राजधानी रायपुर में सीएसईबी मुख्यालय का घेराव किया। इस आंदोलन को कांग्रेस ने भी समर्थन दिया। राजधानी के डडसेना भवन में आयोजित सभा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मीटर रीडरों के समर्थन में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारी मीटर रीडरों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से प्रभावित कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जब तक उन्हें वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता तब तक प्रीपेड (रिचार्ज) बिजली व्यवस्था लागू नहीं की जाए। साथ ही पूरे प्रदेश में मीटर रीडरों के लिए समान कार्य और समान भुगतान नीति लागू करने की मांग भी की गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी स्मार्ट मीटर व्यवस्था और मीटर रीडरों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार को घेरा। फिलहाल प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। इस फैसले का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत करते हुए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया है और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार सख्त कानून बना रही है जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। सीएम साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि हाई पावर्ड टास्क फोर्स की सिफारिशों और कड़े कानूनी प्रावधानों से परीक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनेगी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) की दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य गांवों के समग्र विकास ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रशासन और विकास कार्यों को गति देने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैठक में पूर्व आईएएस अधिकारी एवं भारत सरकार के पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा तथा पद्मश्री पोपट राव पवार ने अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री के अनुसार दोनों विशेषज्ञों के अनुभव और सुझाव ग्रामीण विकास की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में उपयोगी साबित होंगे। प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर जारी विरोध के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े बिजली बिलों से आम जनता परेशान है और अब लोग खुलकर इसका विरोध कर रहे हैं। दीपक बैज ने कहा कि प्रदेशभर में उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था के कारण लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है जिससे आम परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर प्रदेशव्यापी अभियान चलाएगी और आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। बैज के अनुसार पार्टी जनता की आवाज़ बनकर सरकार पर दबाव बनाएगी ताकि स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सके।