नई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम की तैयारी अब ज्वेलर्स के पास भी जमा कर सकेंगे सोना 1. सरकार जल्द ही नई और अपडेटेड गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम लाने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगले दो हफ्तों में इस योजना का ऐलान किया जा सकता है। नई व्यवस्था के तहत देशभर के सर्राफा व्यापारियों को कलेक्शन पार्टनर्स बनाया जाएगा जिससे लोग बैंक की तरह अपने सोने को ज्वेलर्स के पास भी सुरक्षित जमा कर सकेंगे। इस पर जमाकर्ताओं को करीब 2.5 प्रतिशत तक ब्याज मिलने की संभावना है। अभी तक यह सुविधा केवल बैंकों के माध्यम से उपलब्ध थी। सरकार का उद्देश्य घरों में रखा निष्क्रिय सोना आर्थिक गतिविधियों में शामिल करना है। 2. आधार में ईमेल आईडी अपडेट करना हुआ आसान मोबाइल से मिलेगी मुफ्त सुविधा अब आधार कार्ड में ईमेल आईडी जोड़ने या अपडेट करने के लिए आधार सेवा केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने नए आधार ऐप के जरिए 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई है। यूजर घर बैठे मोबाइल फोन से ही ईमेल आईडी लिंक या अपडेट कर सकते हैं। इस डिजिटल सेवा को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और शुरुआत के दो दिनों में ही ढाई लाख से अधिक लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। 3. सोने-चांदी में जोरदार तेजी एक हफ्ते में सोना 6471 रुपये महंगा इस सप्ताह सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। सोना एक सप्ताह में 6471 रुपये महंगा होकर लगभग 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी भी 17317 रुपये की बढ़त के साथ करीब 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऑल टाइम हाई से कीमतों में पहले आई गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी बढ़ाई जिससे दोनों कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई। 4. चलते ई-रिक्शा रोकने वाले 7 मोबाइल ऐप पर सरकार की कार्रवाई ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने ऐसे सात मोबाइल ऐप पर कार्रवाई की है जिनका इस्तेमाल ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी बंद करने के लिए किया जा रहा था। आईटी मंत्रालय ने इन ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं। शिकायतें मिली थीं कि कमजोर सुरक्षा वाले बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का फायदा उठाकर कुछ लोग चलते ई-रिक्शा को बीच रास्ते में रोक देते थे। हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि इलेक्ट्रिक कारों और स्कूटरों में मजबूत एन्क्रिप्शन और सुरक्षा व्यवस्था होने के कारण उन पर इस तरह का खतरा नहीं है।