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अंतर्राष्ट्रीय
11-Jun-2026

जिस शख्स की शान-ओ-शौकत और आलीशान जीवनशैली को कभी कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल माध्यमों पर सफलता की कहानी के रूप में पेश किया गया आज उसी नाम को लेकर अदालत का आदेश चर्चा का विषय बनी हुई है। जी हां हम बात कर रहे हैं जबलपुर के रहने वाले सतीश सनपाल की जो बर्तमान में दुबई में रह रहा है। जिसके ऊपर 9 आपराधिक मामले… 1000 करोड़ के हवाला नेटवर्क के आरोप… जिस पर जांच एजेंसियों के अनुसार अवैध सट्टेबाजी मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला कारोबार से जुड़े गंभीर आरोप दर्ज हैं। EMS TV और जबलपुर एक्सप्रेस ने समय-समय पर सतीश सनपाल से जुड़े मामलों और उस पर लगे आरोपों को लेकर लगातार रिपोर्टिंग की। इस दौरान हमारी खबरों पर फेक कमेंट्स करवाए गए वीडियो तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने की कोशिश हुई कानूनी नोटिस भेजे गए और विरोध के कई प्रयास भी हुए लेकिन हमारा मानना है कि पत्रकारिता का दायित्व केवल चमक-दमक दिखाना नहीं बल्कि तथ्यों को सामने लाना भी है। अब इस मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जबलपुर के अपर सत्र न्यायालय ने धोखाधड़ी कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े एक मामले में सतीश सनपाल की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है। अभियोजन के अनुसार थाना लार्डगंज में दर्ज अपराध क्रमांक 356/2022 की जांच के सिलसिले में सतीश सनपाल को 13 17 और 22 मार्च 2026 को नोटिस जारी किए गए थे लेकिन वे जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने माना कि आरोपी ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया और जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया जिसके चलते अग्रिम जमानत निरस्त कर दी गई। उधर जबलपुर पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के अनुसार सतीश सनपाल के खिलाफ विभिन्न थानों में कई प्रकरण दर्ज हैं और उसके संबंध में अंतरराष्ट्रीय लुकआउट नोटिस भी जारी है। पुलिस को उसके दुबई में होने की जानकारी मिली है और उसे भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। पूर्व बार काउंसिल अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता संजय वर्मा का कहना है कि यदि आरोपी संयुक्त अरब अमीरात में है तो भारत और यूएई के बीच लागू प्रत्यर्पण संधि के प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई संभव है। फिलहाल अदालत के इस फैसले ने सतीश सनपाल की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे किस दिशा में बढ़ती है और क्या आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा सकेगा। :::