अवैध हिरासत पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला 25000 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना #AllahabadHighCourt #HighCourtVerdict #IllegalDetention #HumanRights #PersonalLiberty #JusticeForCitizen #PoliceAccountability #RuleOfLaw #PrayagrajNews #UPNews #BreakingNews #LegalUpdate #CourtOrder प्रयागराज में शांति भंग की आशंका के मामलों में लोगों को जेल भेजने की पुलिस की कार्यप्रणाली पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं। एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि एक व्यक्ति को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धाराओं 170 126 और 135 के तहत आठ दिन तक अवैध रूप से न्यायिक हिरासत में रखा गया। इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन मानते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़ित को दो लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है।मामला मंसूर अहमद उर्फ लल्लू और उनकी पत्नी की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया कि 19 मार्च 2026 की रात खीरी थाने की पुलिस उनके घर पहुंची थी। बिना कोई कारण बताए मंसूर अहमद को हिरासत में ले गई। परिवार को गिरफ्तारी का कारण नहीं बताया गया। साथ ही थाने में उनके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया।