Hindi News Agency,Public Search Engine, Public directory - Express Media Service
व्यापार
01-Jun-2026

शेयर बाजार में हल्की तेजी आईटी शेयरों में खरीदारी सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार 1 जून को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। सेंसेक्स करीब 100 अंक चढ़कर 74800 के स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी में भी लगभग 10 अंकों की तेजी दर्ज की गई और यह 23550 के आसपास कारोबार कर रहा है। बाजार में आईटी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली जिससे निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। कॉमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा जून से कई बदलाव लागू जून महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों और कारोबारियों पर महंगाई का असर दिखने लगा है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 53.50 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में 19 किलो वाला कॉमर्शियल सिलेंडर अब 3113.50 रुपए में मिलेगा। वहीं 5 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमत भी 11 रुपए बढ़कर 821.50 रुपए हो गई है। इसके अलावा पेट्रोल डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर नई एक्सपोर्ट ड्यूटी भी आज से लागू हो गई है। जून में 11 दिन बंद रहेंगे बैंक जून महीने में बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने वाले ग्राहकों को छुट्टियों का ध्यान रखना होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार इस महीने देश के विभिन्न राज्यों में कुल 11 दिन बैंक बंद रहेंगे। इनमें चार रविवार दूसरा और चौथा शनिवार शामिल हैं जबकि पांच अतिरिक्त छुट्टियां अलग-अलग राज्यों में स्थानीय त्योहारों और विशेष अवसरों के कारण रहेंगी। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अहम बैठक शुरू भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने के लिए आज से चार दिनों की उच्चस्तरीय वार्ता शुरू हो गई है। नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में दोनों देशों के अधिकारी अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का प्रयास करेंगे। माना जा रहा है कि इस समझौते के तहत भारत अमेरिकी उत्पादों की बड़ी खरीदारी कर सकता है जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की निकासी का सिलसिला मई महीने में भी जारी रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने मई के दौरान भारतीय इक्विटी बाजार से 32963 करोड़ रुपए निकाल लिए। विशेषज्ञों के अनुसार कंपनियों की अपेक्षाकृत कमजोर अर्निंग ग्रोथ रुपये में कमजोरी और वैश्विक बाजारों में बेहतर निवेश अवसर मिलने के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से दूरी बनाई है। इससे बाजार में विदेशी निवेश प्रवाह पर दबाव बना हुआ है।