राष्ट्रीय
राजधानी भोपाल में DPI कार्यालय के बाहर चयनित शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। चयन के 8 महीने बाद भी नियुक्ति न मिलने से प्रदेश भर के अभ्यर्थी सड़कों पर हैं। सरकारी नौकरी की उम्मीद में कई शिक्षक अपनी निजी नौकरियां छोड़ चुके हैं जिससे अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। हैरानी की बात तब हुई जब EMS टीवी की टीम ने जवाब मांगा तो DPI की महिला अधिकारी मैंने पदभार ग्रहण नहीं किया कहकर इनोवा से भाग निकलीं। बेबस शिक्षक अब न घर के रहे न घाट के। यदि जल्द आदेश न आए तो आंदोलन उग्र होगा।