सोना-चांदी में इस हफ्ते जबरदस्त तेजी इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। सोना 1328 रुपए बढ़कर 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया जो पिछले हफ्ते 1.50 लाख रुपए था। वहीं चांदी भी करीब 10 हजार रुपए महंगी होकर 2.50 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों के सुरक्षित विकल्प की ओर रुख करने से कीमती धातुओं में यह तेजी देखी जा रही है। मई में आ सकता है जियो का मेगा IPO रिलायंस जियो का बहुप्रतीक्षित IPO मई में आ सकता है। कंपनी जल्द ही ड्राफ्ट पेपर्स फाइल कर सकती है हालांकि पहले इसे मार्च तक लाने की योजना थी जिसे वैश्विक परिस्थितियों के चलते टाल दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है जिसकी वैल्यूएशन करीब 180 बिलियन डॉलर आंकी गई है जिससे यह कई बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ सकता है। एशिया के सबसे अमीर बने गौतम अडाणी नेटवर्थ 92.6 अरब डॉलर गौतम अडाणी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के मुताबिक अडाणी ग्रुप के चेयरमैन अब एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। उनकी कुल संपत्ति 92.6 अरब डॉलर यानी करीब 8.59 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। इस बीच ईरान द्वारा होर्मुज रूट को कॉमर्शियल जहाजों के लिए खोलने के फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार 17 अप्रैल को क्रूड ऑयल करीब 13% गिरकर 86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। : भारत के स्मार्टफोन निर्यात में गिरावट 6 साल का सबसे कमजोर प्रदर्शन काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 के दौरान भारत के स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर 3% की गिरावट दर्ज की गई है। यह पिछले छह वर्षों का सबसे कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ती आपूर्ति लागत कंपनियों द्वारा कीमतों में बढ़ोतरी और कमजोर उपभोक्ता मांग इसके मुख्य कारण हैं। ज्यादा लॉन्च के बावजूद बाजार में अपेक्षित तेजी नहीं दिखी जिससे रिटेल बिक्री पर भी असर पड़ा। : वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत बना निवेशकों की पहली पसंद वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का पूंजी बाजार मजबूती से उभर रहा है। तुहिन कांत पांडे के अनुसार भारत का कुल बाजार पूंजीकरण 4.4 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच चुका है। वित्त वर्ष 2025-26 में इक्विटी और ऋण बाजार से 154 अरब डॉलर जुटाए गए हैं। तकनीक स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों में बढ़ते निवेश ने भारत को एक स्थिर और भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।