21.68 करोड़ की लागत से बना रोड ओवर ब्रिज लोकार्पित बालाघाट को मिली बड़ी सौगात स्मार्ट पेट्रोलिंग की ओर बालाघाट पुलिस का बड़ा कदम पीएमएस सिस्टम बना असरदार हथियार संगीत कला के चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों ने शीघ्र नियुक्ति देने शिक्षा मंत्री से लगाई गुहार जिले को यातायात सुविधा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। बालाघाट-वारासिवनी-कटंगी मुख्य मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग बीके-9 के पास निर्मित 21.68 करोड़ रुपये लागत का रेल ओवर ब्रिज का शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने लोकार्पण किया। इसके शुरू होते ही क्षेत्र में आवागमन सुगम हो गया है और लंबे समय से चली आ रही रेलवे फाटक की समस्या खत्म हो गई है। वहीं संबंधित रेलवे लेवल क्रॉॅसिंग को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह ब्रिज केवल बालाघाट के नागरिकों के लिए ही नहीं बल्कि यहां आने वाले यात्रियों के लिए भी सुविधा और विकास का नया माध्यम बनेगा। यह परियोजना जिले के विकास के नए द्वार खोलेगी और क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देगी। इसके अलावा कार्यक्रम को अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। चरेगांव क्षेत्र में शुक्रवार की शाम को आए तेज आंधी-तूफान ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नागपुर से इलाज कराकर लौट रही 14 वर्षीय बालिका की रास्ते में पेड़ गिरने से मौत हो गई जिससे पूरे गांव में शोक की लहर है। घटना में 14 वर्षीय रुचि पंचतिलक की मौत हो गई। शनिवार को अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने पारंपरिक वायरलेस और कागजी व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए आधुनिक तकनीक आधारित पेट्रोल मेनेजमेंट सिस्टम लागू कर स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस डिजिटल पहल से न केवल गश्त व्यवस्था मजबूत हुई है बल्कि अपराध नियंत्रण और निगरानी भी पहले से अधिक प्रभावी हो गई है।13 जून को जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह के समक्ष पुलिस द्वारा पीएमएस का विस्तृत प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। इस दौरान सिस्टम की कार्यप्रणाली और उसके फायदे बताए गए। प्रस्तुति से प्रभावित होकर प्रभारी मंत्री ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि यह प्रणाली अपराधियों पर नजर रखने उन्हें पकडऩे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अत्यंत सहायक साबित हो रही है। उन्होंने इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू करने की बात कही। जिले के प्रभारी मंत्री व मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के १३ जून को बालाघाट आगमन पर स्थानीय सर्किट हाउस में संगीत गायन वादन और नृत्य (म्यूजिक एंड डांस) विषय के चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों ने मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अभ्यर्थियों ने लंबित चल रही नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र किए जाने गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा कठिन चयन परीक्षा पास कर ली गई है। लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण अब तक हमें नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए हैं। जिससे चयनित अभ्यर्थियों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि अब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं होने से हमारा तो भविष्य अंधकारमय हो गया है। इसके अलावा स्कूलों में बच्चों की कलात्मक व सांस्कृतिक शिक्षा प्रभावित हो रही है। जिले के भरवेली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोलवा के टाईल्स लगाने वाले एक युवक ने घर में पंखे में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जिसकी सूचना पुलिस को मिलने पर पुलिस ने युवक का शव बरामद कर पंचनामा व पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। युवक के फांसी लगाने का कारण अज्ञात है। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की विवेचना कर रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की कथित लापरवाही के चलते एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार छबिलाल अपने साथियों के साथ आमाटोला में ही शैलेष रंगारे के मकान में काम कर रहे थे तभी शाम को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनके साथी और मकान मालिक उन्हें आनन-फानन में शाम करीब 6 बजे लालबर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नदारद थे जिसके कारण मरीज को काफी देर तक कोई आपातकालीन चिकित्सा या वरिष्ठ डॉक्टर की सेवाएं नहीं मिल सकीं। कृषि उपज मंडी समिति लालबर्रा के अंतर्गत नवनिर्मित कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की दुकानों की नीलामी प्रक्रिया इन दिनों चर्चा में है। मंडी सचिव युवराज ठाकरे ने जानकारी साझा कर बताया कि नीलामी में शामिल होने के लिए फॉर्म खरीदने और डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) जमा करने की अंतिम तिथि 19 तारीख निर्धारित की गई है। अब तक कुल 30 आवेदन खरीदे जा चुके हैं। एक तरफ जहां विभाग नीलामी की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों और संभावित खरीदारों में दुकानों की वर्तमान स्थिति को लेकर भारी असंतोष देखा जा रहा है। कॉम्प्लेक्स के कमरों में लगे शटरों की हालत अभी से बेहद जर्जर और गंभीर हो चुकी है जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या कॉम्प्लेक्स के इर्द-गिर्द और ठीक सामने फैला भारी अतिक्रमण है जिसे हटाने में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।