जबलपुर के अमखेरा स्थित खसरा नंबर 116 के 22×50 वर्गफुट भूखंड पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है।प्रार्थी ने वर्ष 2017 में रजिस्ट्री के माध्यम से जमीन खरीदी थी जिस पर स्वामित्व विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि सादिक मिर्जा ने विवादित भूमि को किसी गुप्ता नामक व्यक्ति को बेचकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से अवैध कब्जा हटाने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। नगर निगम जबलपुर के रांझी जोन में पदस्थ टैक्स कलेक्शन कर्मचारी चंद्रभान नोनिया को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।आरोप है कि टैक्स रसीद में नाम दर्ज करने के एवज में 5 हजार रुपये की मांग की गई थी।लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। 45th National Master Athletics Championship में जबलपुर की रंजना शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किए।जबलपुर के इंजीनियरिंग ग्राउंड में आयोजित प्रतियोगिता में 22 राज्यों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।रंजना ने हैमर थ्रो और शॉट पुट में गोल्ड जबकि डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल जीता।कड़े मुकाबले के बीच कई प्रतिभागियों को पछाड़ते हुए उन्होंने प्रदेश का नाम रोशन किया। जबलपुर के थाना घमापुर में वर्षों से जमे पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत सामने आई है।शीतला माई मंदिर निवासी मनोहर सूर्य ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण की मांग की है।आरोप है कि कुछ कर्मचारी 5 से 10 वर्षों से एक ही थाने में पदस्थ हैं जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।शिकायत में निष्पक्ष जांच कर नियमों के तहत अन्यत्र पदस्थापना और अधिकतम कार्यकाल तय करने की मांग की गई है। शहर में एक भावुक मामला सामने आया है जहां रिटायर्ड कर्मचारी श्रीमती माया बाई गौर ने अपनी बेटी की शादी के लिए आर्थिक सहायता की मांग को लेकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया। माया बाई ने बताया कि पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें मदद की आवश्यकता है।कमिश्नर ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुनते हुए जल्द से जल्द समाधान करने का भरोसा दिलाया। जबलपुर में जनसुनवाई के दौरान दीक्षितपुरा निवासी अखिलेश कुमार प्रजापति ने पैतृक संपत्ति पर चाचाओं द्वारा अवैध कब्जे और निर्माण का आरोप लगाया।उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद उनके हिस्से की जमीन पर उन्हें घर बनाने नहीं दिया जा रहा।विरोध करने पर मारपीट और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।अखिलेश ने यह भी कहा कि उनके भाई को झूठे मामले में फंसाया गया है।पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।