सत्ता के नशे में मदमस्त भाजपा नेता उमरिया में अपना ही राग अलाप रहे हैं। प्रदेश में जहाँ एक ओर संवेदनशील मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जनता को गुंडोंमाफियाओ और अपराधियों से भय मुक्त करना चाहते हैं तो दूसरी ओर इससे उलट उमरिया में तथाकथित भाजपा नेता आदिवासी की जमीन पर बुरी नज़र रखते हुए भय का वातावरण बना के सत्ता की गर्मी दिखा कर भूस्वामी को भयभीत कर रहा है। जिसकी शिकायत खुद भूस्वामी ने थाना प्रभारी उमरिया से लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी से लेकर जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर उमरिया से की है। लेकिन अभी तक भू स्वामी की शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। दरअसल जिले के विकट गंज में रहने वाले आदिवासी दुखीराम ने बीते मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को शिकायत पत्र देते बताया कि आराजी ख0नं0 636/1 रकबा 0.0480 हे० स्थित भूमि छटन कैप पटवारी हल्का विकटगंज पर रमपुरी निवासी भाजपा नेता राजेन्द्र कोल मंदिर बनवाने की आड़ में जबरन कब्जा कर रहा है और मेरे द्वारा मना करने पर गाली गलौज करता है और जान से मारने की धमकी देता है। भाजपा नेता कहता है कि मैं वार्ड पार्षद हूं कही भी शिकायत करलो कुछ भी नही होगा। भूमि के सामने पहले से ही खेरमाई का मंदिर बना हुआ है। जिस मंदिर को उक्त स्थान से हटाकर मेरी भूमि के सामने बनाया जा रहा है उसके अलावा एक और दूसरी मंदिर बनवा रहा है। जिससे मेरे साथ-साथ रहवासियों का आम रास्ता भी अवरूद्ध हो रहा है। जिसके चलते आवागमन में काफी परेशानी होगी। इसके साथ ही भाजपा नेता द्वारा मंदिर निर्माण की आड में कब्जा करने से मना करने पर धार्मिक भावनाएं आहत होने से विपरीत परिस्थिति पैदा होने की भी आशंका है। आदिवासी दुखीराम का कहना है कि 08 जुलाई को वार्ड वासियों को गुमराह कर झूठे तथ्यों के साथ ज्ञापन दिया गया । जिसकी सत्यता की जांच कराकर झूठे ज्ञापन देने पर कार्यवाही की जाये। इसके साथ ही भाजपा नेता राजेन्द्र कोल द्वारा भूमि के सामने कराएं जा रहे मंदिर निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाये ताकि आम रास्ता अवरुद्ध न हो सके। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है पीड़ित भू स्वामी ने कि थाना प्रभारी से लेकर नगर पालिका और पुलिस अधीक्षक से कलेक्टर तक शिकायत पत्र देकर गुहार लगा चुका है। लेकिन जिले में कानून व्यवस्था का ऐसा हाल अपने आप मे कई सवाल खड़ा करता है।