Hindi News Agency,Public Search Engine, Public directory - Express Media Service
क्षेत्रीय
06-May-2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में 66 लाख 45 हजार रुपये की भारी वित्तीय अनियमितता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वर्ष 2020 से 2025 के बीच हुए इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब ऑडिट में कैश रसीदों और बैंक खाते में जमा राशि के बीच बड़ा अंतर पाया गया। आरोप है कि अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारियों ने मरीजों से राशि तो ली और रसीदें भी काटीं लेकिन उस रकम को सरकारी खाते में जमा करने के बजाय खुद डकार लिया। ​मामला उजागर होते ही मेडिकल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। डीन ने इस गंभीर गबन की शिकायत पुलिस को सौंप दी है और आंतरिक जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया है। अस्पताल प्रबंधन पर निगरानी में लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं वहीं पुलिस अब उन दोषी कर्मचारियों की पहचान करने में जुटी है जिनकी मिलीभगत से पिछले पांच सालों से यह खेल चल रहा था। आने वाले दिनों में इस घोटाले का दायरा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जबलपुर: कटंगी बायपास स्थित लॉजिस्टिक पार्क में लगी भीषण आग पर दो दिन बीत जाने के बाद भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। रिलायंस और ब्रिटानिया जैसी बड़ी कंपनियों के गोदामों में अब भी रह-रहकर लपटें उठ रही हैं जिसे बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियाँ और दर्जनों टैंकर लगातार तैनात हैं। लोहे और कंक्रीट के भारी मलबे के नीचे दबे सामान के सुलगने के कारण कूलिंग ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये का माल जलकर खाक हो चुका है। आग की तपिश इतनी अधिक थी कि गोदामों के स्ट्रक्चर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इलाके की घेराबंदी अभी भी बरकरार है। पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम आग लगने के सटीक कारणों की पड़ताल कर रही है वहीं प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और फायर एनओसी जैसे पहलुओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरी तरह आग बुझने के बाद ही वास्तविक नुकसान का अंतिम आकलन किया जा सकेगा। बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे जिसमें 13 लोगों की जान गई अब नए विवाद में घिर गया है। जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मंच ने इस मामले में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। नागरिक उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे ने दावा किया है कि क्रूज संचालन में नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (NGT) के आदेशों का खुला उल्लंघन किया गया।उनके अनुसार NGT के निर्देशों के तहत जलाशयों में केवल फोर-स्ट्रोक इंजन वाली नावों को ही संचालन की अनुमति है लेकिन हादसे का शिकार हुआ क्रूज इस मानक पर खरा नहीं उतरता था।मंच का आरोप है कि क्रूज का एक इंजन पहले से ही बंद था और घटना के दिन भी वह पानी में ठप्प पड़ गया था जिससे हादसा और गंभीर हो गया।मंच ने यह भी आरोप लगाया है कि जांच से पहले ही क्रूज को नष्ट कर दिया गया जो साक्ष्यों से छेड़छाड़ की ओर इशारा करता है। डॉ. नाजपांडे के अनुसार अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि शवों की तलाश के लिए क्रूज को तोड़ा गया जबकि गोताखोर पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि अंदर कोई शव नहीं है। ​जबलपुर: शहर के हनुमानताल थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घसिया कॉलोनी निवासी पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक सूर्यांश को अभिरक्षा में ले लिया है।थाना प्रभारी सुभाष चंद्र बघेल के अनुसार आरोपी पिछले 3-4 महीनों से पीड़िता को शादी का वादा कर शारीरिक शोषण कर रहा था लेकिन बाद में उसने विवाह से इनकार कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना महिला अधिकारी को सौंप दी है और आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में व्याप्त विभिन्न अनियमितताओं को लेकर एनएसयूआई ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया। अनुराग शुक्ला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा परिणामों में देरी पुस्तकालय की बदहाली एनसीसी कैडेट्स को सुविधाएं न मिलना और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू न होने जैसे गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने में विफल रहा है। प्रदर्शन के दौरान जब कुलपति से मुलाकात नहीं हुई तो आक्रोशित छात्र सुरक्षा घेरा तोड़कर कुलपति कक्ष में घुस गए और वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान परिसर में काफी देर तक हंगामे और नारेबाजी की स्थिति बनी रही। NSUI ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि छात्र हितों की अनदेखी और विभागों में शोधार्थियों के साथ हो रहे अनुचित व्यवहार को तुरंत बंद नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। छात्रों ने सभी गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बरगी डैम हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निजी अस्पतालों की मनमानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि हादसे के घायलों को बिना किसी निगरानी के निजी अस्पताल भेज दिया गया जहाँ उनसे मामूली उपचार के नाम पर जबरन 4700 रुपये वसूले गए। ​मिश्रा ने कहा कि पीड़ितों के पास न मोबाइल था न पैसे फिर भी उन पर भुगतान का दबाव बनाया गया जो प्रशासन की मिलीभगत और स्वास्थ्य व्यवस्था की लूट को दर्शाता है। उन्होंने केवल औपचारिक जांच के बजाय अस्पताल प्रबंधन पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।