आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का दो दिन पहले छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में देहावसान हो गया। उनके निधन की जानकारी जैसे ही जैन समाज को लगी तो मातम छा गया। जैसे-जैसे लोगों को जानकारी लग रही थी वैसे-वैसे उनके अंतिम दर्शन के लिए लोग पहुंच भी रहे थे। मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर से आचार्य श्री का बहुत लगाव था। यहां के लोगों को आज भी विश्वास नहीं हो रहा है कि आचार्य श्री अब हमारे बीच नहीं रहे। जबलपुर के सैकड़ों जैन धर्म के लोग आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के निधर पर केस त्याग किए। जबलपुर के लार्डगंज स्थित बड़े जैन मंदिर में मंगलवार को 200 से अधिक लोगों ने मुंडन करवाया। मध्य प्रदेश की धर्म प्रिय संस्कारधानी जबलपुर के राईट टाउन में श्री 108 आचार्य कुंदकुंद दिगम्बर जैन वीतराग विज्ञान मंडल एवं जैन युवा फेडरेशन द्वारा नवनिर्मित संकुल धर्मायतन में श्री महावीर स्वामी दिगम्बर जिन मंदिर का मनोहारी निर्माण कार्य चल रहा है। मप्र के 2023 विधानसभा चुनाव की निर्वाचन प्रक्रिया में लगाए गए आयुध निर्माणी फैक्टरियों के कर्मचारियों को अब तक उनका मानदेय प्राप्त नही हुआ हैजिसके चलते आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयुध कर्मचारियों के द्वारा एक ज्ञापन कलेक्टर के नाम सौपा गया।जहा राष्ट्रीय अध्यक्ष एंडीएसए विवेक कुमार शर्मा ने कहा की विधानसभा चुनाव में करीब 300 आयुध निर्माणी के कर्मचारियों की ड्यूटी निर्वाचन प्रक्रिया में लगाई गई थी।लेकिन चुनाव सम्पन्न होने के बाद भी आज तक उन कर्मचारियों को न ही मानदेय मिला न ही टीए डीए मिला है जबलपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित में गोरखपुर क्षेत्र से एक बुजुर्ग महिला अपनी शिकायत लेकर पहुंची। शिकायतकर्ता सुंदरी कौर ने एसपी आदित्य प्रताप सिंह से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्या सुनाई। बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनके पति की मौत के बाद उनके घर पर उनकी सौतेली बेटी और दामाद ने कब्जा कर लिया है और उन्हें मारपीट कर घर से भगा दिया। जबलपुर में खाद्य सामग्री में मिलावट खोरी करने वालो पर प्रशासन सख्त कार्यवाही कर रहा है। जिला प्रशासन की इस कार्यवाही से मिलावट खोरी करने वाले व्यापारी परेशान है। जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी द्वारा घमापुर के बाई का बगीचा स्तिथ श्री भगवान् ऑइल मिल में छापा मारा गया। छापे के दौरान ऑइल में गंदगी और मिलावट का सामान मिल के अंदर पाया गया। अधिकारीयों ने तक़रीबन 200 लीटर सरसो और अलसी का तेल बरामद किया जो की खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त नहीं था। मिल मालिक द्वारा देश बड़ी आयल कंपनियों के टिन के डब्बे पाए गये जिनमे श्री भगवान् आयल मिल का आयल भरा जा रहा था।