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क्षेत्रीय
20-Apr-2021

1 कोरोना महामारी के बीच सियासत कम नहीं हो रही है यही वजह है कि जबलपुर में सभी एनएसयूआई छात्र संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर संसद के मुख्य सचेतक और जबलपुर के सांसद राकेश सिंह के लापता वाले पोस्टर लगाए हैं और इन पोस्टर को सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया है पोस्टर में लिखा हुआ है कि जबलपुर सांसद राकेश सिंह लापता जिसे भी दिखाई दे या उनकी जानकारी मिले तो सूचित करें इसके साथ ही एनएसयूआई ने सवाल किया है कि जबलपुर में ऑक्सीजन दवा इंजेक्शन के चलते पूरा क्षेत्र अव्यवस्थाओं के कारण तड़प रहा है लोगों की जान जा रही है तो वही मुक्तिधाम मैं जल रही चिताए सवाल पूछ रही है कि आखिर सांसद अपनी जिम्मेदारी को निभा क्यों नहीं रहे हैं। 2 शहर के कुछ क्षेत्रों में नलों से आ रहे गंदे पानी की शिकायत पर जांच करने नगर निगम के जल विभाग की टीम सड़कों पर घूमने लगी है। टीम कुछ इलाकों में जाकर फोरी तौर पर पानी की जांच की और और लौट गए। अलग-अलग क्षेत्रों में गए: निगमायुक्त संदीप जी आर के निर्देश पर जल विभाग के कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, सहायक यंत्री अनिल सिंगारे के अलावा अन्य अधिकारियों ने शहर के अलग अलग क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को की जा रही जलापूर्ति की जांच की। 3 जबलपुर स्टेशन पर जैसे ही स्पेशल ट्रेन लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस पहुंची। यात्रियों की भीड़ ट्रेन में सवार होने उमड़ पड़ी। यात्रियों की मानें तो उन्हें घर वापसी के लिए स्पेशल ट्रेन का इंतजार था। खास बात ये है कि पल भर में ही ट्रेन फुल हो गई। गौरतलब है कि यूपी-बिहार से लौटे कामगार किसी तरह महाराष्ट्र व गुजरात जैसे शहरों से जबलपुर तक पहुंच गए थे। 4 घमापुर क्षेत्र में रहने वाली युवती ने पुलिस की परीक्षा में फेल होने के बाद परिजनों को चयनित होना बताया, यहां तक कि कटनी पोस्टिंग होने की बात कहकर वर्दी पहनकर घूमती रही, पिता भी यही समझते रहे कि उनकी बेटी नौकरी कर रही है, यहां तक कि पिता ने कटनी में एसपी के पास पहुंचकर एक साल से वेतन न दिए जाने की शिकायत की, मामले की जांच की गई तो पता चला कि इस नाम की तो कोई महिला अधिकारी है ही नहीं। जिसपर युवती के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर किया गया है। 5 सैनिटाइजर सप्लाई करने वाली कंपनी का बिल भुगतान करने के एवज में कमीशन मांगना डीपीएम और एक लिपिक को भारी पड़ा। दरअसल कंपनी के प्रबंधन और डीपीएम की रिश्वत वाला ऑडियो वायरल हो गया। इसके बाद कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देश पर हेल्थ विभाग में पदस्थ डीपीएम और लिपिक को हटा दिया गया। तीन सदस्यीय कमेटी उनके कारनामे की जांच के लिए गठित हुई है। 6 कोरोना को मात देकर लौटे निगमायुक्त एक ऐसा फरमान जारी किया जिससे नगर निगम में हड़कंप मच गया। दरअसल निगमायुक्त संदीप जीआर ने आदेश जारी कर नगर निगम के अपर आयुक्तों के अधिकारों के न सिर्फ वित्तीय अधिकार छीन लिए बल्कि प्रशासकीय, वित्तीय एवं भुगतान की स्वीकृति जारी करने के दिये गए आयुक्त के अधिकार भी वापस ले लिये। निगमायुक्त के इस फरमान से अपर आयुक्त से लेकर निचले स्तर के अधिकारियों में भी सनाका खींच गया है। 7 ट्रेनों में आरक्षित टिकट लेकर यात्रा करने की व्यवस्था लागू होने के बाद भी इन दिनों ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं है। बिगड़ते हालात को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल और समर स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। पमरे के जबलपुर समेत भोपाल और कोटा मंडल ने लगभग 79 ट्रेनों को चलाया गया है। वहीं जोन की सीमा से लगभग 619 ट्रेनें चलाई हैं। इनमें अकेले जबलपुर रेलवे स्टेशन से ही लगभग 12 से ज्यादा ट्रेनें चलाई गई हैँ। इन ट्रेनों में लगे जनरल, स्लीपर और एसी कोच की लगभग दस हजार सीटों में से एक हजार से ज्यादा सीटें में जबलपुर, कटनी, सतना से बैठने वाले यात्रियों के लिए आरक्षित होगी। 8 प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में हर दिन बढ़ोतरी हो रही है. लगातार बढ़ते संक्रमण की वजह से प्रदेश में लोगों को ऑक्सीजन तक समय से नहीं मिल पा रही है, जिसकी वजह से उन्हें जान गंवानी पड़ रही है. लेकिन इसी बीच जबलपुर जिले से खुशखबरी आई है. यहां पर एक कोरोना संक्रमित महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है. फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से बच्चे को मां से अलग रखा गया है.लेकिन इस तस्वीर ने एक सकारात्मक माहौल जरूर बना दिया है। 9 जबलपुर में निजी अस्पताल संचालकों का अमानवीय चेहरा एक बार फिर उभर कर सामने आया... निजी अस्पताल संचालक ने एक मरीज की मौत हो जाने के बाद उसके शव को बंधक बना लिया और मृतक के परिजनों से बाकी रकम की मांग की गई... इस दौरान मृतक के परिजनों के पास देने के लिए रकम नहीं थी उन्होंने अस्पताल संचालक से काफी मिन्नतें की लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने शव को बंधक बना लिया..... मामला जबलपुर के मुखर्जी अस्पताल का है,,, इस अस्पताल में अपना इलाज करा रहे एक करोना मरीज की सुबह 7 बजे मौत हो गई... इलाज के दौरान मृतक के परिजन डेढ़ लाख रुपए दे चुके थे संकमित मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और मृतक के परिजनों से पौने दो लाख रुपए अतिरिक्त रकम देने के लिए दबाव बनाने लगे.... 10 जबलपुर में शासकीय और निजी अस्पतालों में करोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और ऐसे में बिस्तर की कमी नजर आ रही है.... शहर की वर्तमान हालत को देखते हुए जिला प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से चार नए इमरजेंसी कोविड-19 तैयार किए गए हैं.... इनमें 500 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है... इन चार इमरजेंसी सेंटर में ऑक्सीजन और चिकित्सकों सहित मेडिकल स्टाफ उपस्थित रहेगा... 11 कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए जरूरी माने जाने वाले रेमदेसीविर इंजेक्शन को जिला प्रशासन ने अपनी निगरानी में निजी अस्पतालों को भेज दिया है... मध्य प्रदेश शासन के द्वारा जबलपुर जिले को 813 रेमडेसिविर इंजेक्शन भेजे गए हैं.... जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जिन अस्पतालों में गंभीर रूप से कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हैं और चिकित्सकों ने उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने के लिए अनुशंसा की है ऐसे मरीजों को यह इंजेक्शन लगाया जाएगा...