मध्यप्रदेश में लघु उद्योगों की स्थिति कोविड-19 के काल में बहुत खराब हो चुकी है यहां पर उद्योगों को मिनिमम बिल के रूप में 42 रुपए से लेकर 60 रुपये प्रति यूनिट की बिजली का बिल चुकाना पड़ रहा है कोविड-19 यूनिट में 10 से 20 फ़ीसदी ही लघु उद्योगों में उत्पादन हो पा रहा है एचटी कनेक्शन होने के कारण न्यूनतम शुल्क के रूप में बिजली कंपनियां लाखों रुपए के बिल लघु उद्योगों से हर माह वसूल रही हैं जबकि उनके यहां पर बिजली खपत 1000 यूनिट से लेकर 5 से 7 हजार यूनिट ही हो रही है। लघु उद्योगों के संचालकों का कहना है कि पिछले कई महीने से यही स्थिति बनी हुई है लोड के हिसाब से और एचटी कनेक्शन के हिसाब से लाखों रुपए के बिल उद्योगों को भेजे जा रहे हैं यदि यही हालत रहे तो एक-दो माह के अंदर ही मध्य प्रदेश के हजारों लघु उद्योग बिजली बिलों के कारण बंद हो जाएंगे ।