अंबिकापुर जिले के नगर निगम क्षेत्र में तालाब और जल निकासी की जमीनों पर अवैध कब्जे का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। रिंग रोड तालाब विवाद के बाद अब भाथूपारा तालाब में जल निकासी मार्ग पर अतिक्रमण का नया मामला सामने आया है।आरोप है कि एक होटल संचालक ने जल निकासी की जमीन पाटकर वहां कॉटेज निर्माण की तैयारी की है जिससे शहर की ड्रेनेज व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इस मार्ग से कई इलाकों का पानी तालाब में पहुंचता था।शिकायत के बाद नगर निगम ने नोटिस जारी कर एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।कांग्रेस ने इस मामले में निगम और होटल संचालक की मिलीभगत का आरोप लगाया है। फिलहाल कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। राजधानी रायपुर के उरला थाना पुलिस ने फेरो मैंगनीज में मिलावट कर धोखाधड़ी और गबन करने वाले एक अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शौकीन खान (32) निवासी अलवर (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने परिवहन के दौरान 43 मीट्रिक टन फेरो मैंगनीज के 43 बैगों की सील तोड़कर उसमें गिट्टी पत्थर और आयरन ओर मिलाकर दोबारा सिलाई कर दी थी। इससे पूरा माल अनुपयोगी हो गया और कंपनी को करीब 48 लाख रुपये का नुकसान हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने करीब 3 टन फेरो मैंगनीज हरियाणा के एक कबाड़ी को बेच दिया था। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी को अलवर से गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त ट्रक भी जब्त किया है। इस मामले में उरला थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले में फरार अन्य आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। महानदी जल विवाद पर 2 मई को संभावित फैसले को लेकर विधायक पूरेन्दर मिश्रा ने कहा कि यह लंबे समय से चला आ रहा मुद्दा है। महानदी जिसे पहले चित्रोत्पला कहा जाता था छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों की जीवनदायिनी नदी है। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार होने के कारण आपसी संवाद से इस विवाद का समाधान निकाल लिया जाएगा और जल्द ही इस पर बड़ी बैठक होगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की जीत तय है। पश्चिम बंगाल से आ रहे मतदान के रुझान से स्पष्ट है कि राज्य में बदलाव की लहर है और ममता बनर्जी सरकार की विदाई तय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पश्चिम बंगाल में इस बार कमल खिलने जा रहा है और प्रदेश को सुशासन वाली सरकार मिलने वाली है। श्री साव ने कहा कि राज्य की माताओं और बहनों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा तथा युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त होगा। शासकीय कर्मचारियों की राजनीतिक दलों या संगठनों में सक्रिय सदस्यता को लेकर जारी आदेश पर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो गई है। सरकार के यू-टर्न पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने इस आदेश के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे—क्या अब सरकारी कर्मचारी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं? क्या उन्हें पदाधिकारी बनने की छूट दी गई है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह आदेश कर्मचारियों को RSS की गतिविधियों में शामिल करने के लिए है। शुक्ला ने आरोप लगाया कि इससे लगता है कि सरकार भाजपा नहीं बल्कि परोक्ष रूप से RSS द्वारा संचालित हो रही है। वहीं कांग्रेस के आरोपों पर जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि शासकीय कर्मचारी नियमों से बंधे होते हैं और उन्हें प्रावधानों के अनुरूप ही आचरण करना होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि RSS कोई राजनीतिक दल नहीं है और कांग्रेस को इस बात को समझना चाहिए।