सहायक आयुक्त आबकारी, जबलपुर सत्य नारायण दुबे और सहायक जिला आबकारी अधिकारी इंद्रेश तिवारी की विवादित जोडी एक बार फिर से सुर्खियों में है। वैसे तो वर्तमान में ये दोनों अधिकारी कागजों में तो अलग अलग जिलों में पदस्थ हैं लेकिन पिछले काफी समय से दोनों को एक साथ आबकारी कार्यालय जबलपुर में एकसाथ देखा जा रहा है। वर्तमान में सत्य नारायण दुबे सहायक आयुक्त आबकारी के तौर पर जबलपुर में पदस्थ हैं और इंद्रेश तिवारी की पदस्थापना मंडला जिले में हैं। इंद्रेश तिवारी प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी के तौर पर मंडला जिले में पदस्थ थे। विभाग की तेज तर्रार प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने प्रभारी जिला आबकारी अधिकारियों के स्थान पर पूर्णकालिक जिला आबकारी अधिकारियों की पदस्थापना विभिन्न जिलों में की थी। और इंद्रेश तिवारी को प्रभारी से हटाकर सहायक जिला आबकारी अधिकारी के रुप में मंडला में ही पदस्थ किया गया था। प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी के पद से हटने के बाद से ही इंद्रेश तिवारी मंडला छोडकर सहायक आयुक्त आबकारी कार्यालय जबलपुर में ही डेरा जमाए हुए हैं। वायरल वीडियो में इंद्रेश तिवारी सत्यनारायण दुबे के साथ आबकारी कार्यालय जबलपुर आते-जाते दिखाई दे रहे है। यही नहीं इन वीडियो में इंद्रेश तिवारी कंप्यूटर आपरेटर के साथ बैठकर नोटशीट, विभागीय आदेश और पत्र बनवाते और अधीनस्थ कर्मचारियों को आदेश-निर्देश देते दिखाई दे रहे है। इतना ही नहीं शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे इंद्रेश तिवारी के पैर छूते नजर आ रहे है। सूत्रों की माने तो मंडला जिले में पदस्थ तिवारी अवकाश पर है। तिवारी को आबकारी आयुक्त कार्यालय ने एक आरोप पत्र का 15 दिन में जवाब देने प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे लेकिन 2 माह बीत जाने के बाद भी तिवारी आज तक आरोप पत्र का जवाब प्रस्तुत नहीं कर पाए है। वे अवकाश लेकर जबलपुर आबकारी कार्यालय के कार्यो में दखल कर रहे है। अब देखना ये है कि वीडियो वायरल होने के बाद आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस पर कुछ कार्यवाही करते है या फिर तिवारी और दुबे की जोड़ी प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी बनी रहेगी ।