पूर्व सीएम हरीश रावत द्वारा भाजपा प्रवक्ताओं को टुटकेबाज बताने और कांग्रेस के खिलाफ झूठ बोलने के आरोप पर सियासत गरमा गई है। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था कि भाजपा ने 2017 और 2022 के चुनाव झूठे नैरेटिव से जीते और अब 2027 चुनावों के लिए भी वही कर रही है। उन्होंने 10 साल कांग्रेस बनाम 17 साल भाजपा पर सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी। इस पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत अब अपने नेताओं के पदचिन्हों पर चल रहे हैं खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदल रहा है। उन्होंने कहा कि हरिश रावत से बड़ा टुटकेबाज कौन होगा जिन्होंने 2002 और 2012 में अपनी ही सरकार को तोड़ने का काम किया। कमलेश रमन ने कहा कि भाजपा प्रवक्ता सच ही बोल रहे हैं। जुम्मे की नमाज की छुट्टी मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात क्या विधायकों को खरीदने की बात हरिश रावत द्वारा ही की गई वही अपनी कमजोरियों को छुपाने के लिए प्रवक्ताओं को टारगेट करना कांग्रेस की हताशा है। राज्यपाल उत्तराखण्ड डॉ. ढाल सिंह बिसेन शनिवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। राज्यपाल ने भगवान बद्री विशाल से प्रदेश की सुख-समृद्धि शांति उन्नति एवं जनकल्याण की कामना की।इस अवसर पर राज्यपाल ने श्रद्धालुओं से देवभूमि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं धार्मिक विरासत एवं विशिष्ट पहचान को संरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देवभूमि की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं जिनका संरक्षण करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित एवं देशहित में सकारात्मक भूमिका निभाते हुए सामाजिक सद्भाव आपसी सहयोग और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों की मर्यादा का पालन करने प्रदेश को स्वच्छ एवं नशामुक्त बनाने तथा उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देने देने का आह्वान किया। राजधानी देहरादून में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। एसपी सिटी शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि पुलिस का ऑपरेशन प्रहार एक विशेष अभियान है जिसके तहत रूटीन ड्यूटी के साथ अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज और व्यवस्था में व्यवधान (न्यूसेंस) पैदा करने वाले तथा कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाले अराजक तत्वों पर नकेल कसना है। शनिवार और रविवार की रातों में पुलिस का मुख्य फोकस रहता है। एसपी सिटी के अनुसार इस अभियान के तहत नाइट आवर्स में गश्त और चेकिंग बढ़ा दी गई है। हुड़दंग करने वाले और नियम तोड़ने वाले व्यक्तियों के खिलाफ चालान हिरासत में लेने (डिटेन) और अन्य विधिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि शहर में आम नागरिक सुरक्षित माहौल में रह सकें। उत्तराखंड को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के कथित बयान पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस टिप्पणी की निंदा की और इसे उत्तराखंडवासियों के संघर्ष व बलिदान का अपमान बताया। वहीं भाजपा के सह प्रदेश मीडिया प्रभारी विनय गोयल ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को प्रदेश की जनता आज तक नहीं भूली है।विनय गोयल ने कहा कि उत्तराखंड के प्रति समाजवादी पार्टी की दुर्भावना इस बयान से सामने आई है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी को इसका जवाब देगी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक हालिया बयान से उत्तराखंड की राजनीति में भारी हलचल मच गई है जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपत्ति जताते हुए निंदा की है तो वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी इसे उत्तराखंड का अपमान करार दिया है। इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश संगठन महासचिव राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि उत्तराखंड का सबसे पहला घुसपैठियों तो उनके परिवार में डिंपल रावत यादव हैं जो उत्तराखंड की बेटी हैं। संविधान देश के हर नागरिक को कहीं भी रहने की स्वतंत्रता देता है और अखिलेश यादव बड़े नेता हैं उन्हें सोच-समझकर बयान देना चाहिए क्योंकि देश का कोई भी नागरिक अपनी योग्यता और मेहनत से कहीं भी आ-जा सकता है। आज राजधानी देहरादून में उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर महाआक्रोश रैली निकालकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में टीईटी के प्रावधानों को वापस लेने पुरानी पेंशन बहाल करने शिक्षण कार्य के अलावा अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य न कराए जाने गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर करने हिमालयी राज्यों की तर्ज पर शिक्षा मित्रों को नियमित करने तथा संपूर्ण सेवाकाल में एक बार गृह जनपद में स्थानांतरण का अवसर प्रदान करने जैसी मांगें शामिल हैं। शिक्षकों का आरोप है कि सरकार और शिक्षा मंत्री से कई दौर की वार्ता के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है जिससे उनमें गहरा रोष है और अब टीईटी के दायरे में आ रहे देश भर के 25 लाख शिक्षक दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करेंगे। जहां पूरे प्रदेश में धान की फसल की तुलाई को किसान मंडियों में फसल बेचने को लेकर दर दर की ठोकर खाने को मजबूर नज़र आ रहे हैं। देश के अन्नदाता कहे जाने वाले किसान की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी विगत एक अक्टूबर से धान तोल को खरीद की जगह 9 अक्टूबर से शुरू हुई ओर उसमें भी सरकार के तमाम दावों की कलई पर सवालिया निशान लगते नजर आ रहे हैं। जिसे लेकर किसानों को काफी दिक्कत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था जिसे लेकर किसानों की आवाज एवं ढाल बनकर खड़ी भारतीय किसान यूनियन सरकार हो या अधिकारी या हो रईस मिलर सभी की मध्यस्थता से मामले के निस्तारण लगी हुई थी जिसको लेकर भाजपा नेता पूर्व विधायक डॉक्टर शैलेंद्र मोहन सिंघल अपने समर्थकों के साथ आरएफसी कार्यालय पहुंचे जहां पहले से भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता कुछ कच्चे आढ़ती कहे जाने वाले राइस मिलरों की शिकायतो के निस्तारण को पहुंचे थे। किसी मामले को लेकर तर्क वितर्क में पूर्व विधायक डॉक्टर सिंघल व भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों से तीखी कहासुनी नोंक झोक होने पर दोनों संगठनों के लोगों ने दोनों को लेकर समझाबुझा कर मामला शांत कराया।