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अंतर्राष्ट्रीय
23-Oct-2026

सूरजपुर में मां-बेटे की अलग-अलग जगहों पर मिली लाश और कातिल का कोई सुराग नहीं मिलने से पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। 13 दिन की जांच के बाद पुलिस ने इस डबल मर्डर का खुलासा किया तो सामने आई कहानी ने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी कोई अनजान नहीं बल्कि परिवार का परिचित निकला। पुलिस के अनुसार मोटर पार्ट्स के कारोबार में नुकसान से परेशान प्रवेश कुमार को पैसों की जरूरत थी। उसे पता चला कि उसकी पत्नी की सहेली और शिक्षिका रजनी बरेठ ने करीब 19 लाख रुपये का लोन लिया है। इसी रकम के लालच में वह रजनी के घर पहुंचा। पैसों को लेकर विवाद हुआ जिसके बाद आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक रजनी का बेटा सुजल कहीं गवाह न बन जाए इस डर से आरोपी उसे कार में बैठाकर राय जंगल की ओर ले गया और सीमेंट के खंभे के टुकड़े से वार कर उसकी भी हत्या कर दी। 10 अक्टूबर को सुजल का शव महावीरपुर के जंगल में मिला जबकि अगले दिन रजनी का शव उसके किराये के मकान के बाथरूम से बरामद हुआ। जांच में पुलिस ने 60 से 70 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्ध की गतिविधियों और कार के नंबर के आधार पर पुलिस प्रवेश कुमार तक पहुंची। पूछताछ में वारदात का खुलासा हुआ। आरोपी की निशानदेही पर कार स्टील की बोतल सीमेंट के खंभे का टुकड़ा और मोबाइल फोन समेत अहम साक्ष्य बरामद किए गए हैं। आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है। मुंगेली जिले के नेवासपुर में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की हत्या के अंधे कत्ल का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक 20 अक्टूबर की रात बालिका अपने बिस्तर पर बेहोशी की हालत में मिली थी। गले पर चोट और खरोंच के निशान मिलने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया जिसमें हत्या की बात सामने आने पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि लिलवाकापा निवासी अजीत घृतलहरे का मृतिका से वर्ष 2021 से प्रेम संबंध था। दूसरे युवक से बातचीत के शक को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार 19 अक्टूबर की रात अजीत अपने साथी साहिल खाण्डे के साथ बाइक से नेवासपुर पहुंचा। साहिल को बाहर निगरानी में खड़ा कर अजीत दीवार फांदकर घर में दाखिल हुआ। फोन पर बातचीत को लेकर विवाद बढ़ा और उसने गला दबाकर बालिका की हत्या कर दी। इसके बाद शव को दूसरे कमरे में इस तरह लिटा दिया जिससे मामला हार्ट अटैक का लगे। पुलिस ने अजीत घृतलहरे और साहिल खाण्डे को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर जनजातीय समाज को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया लेकिन अब जनजातीय समाज कांग्रेस को छोड़ चुका है। सीएम साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद को खत्म करने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज के विकास के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया है जबकि प्रदेश में भी विभिन्न प्राधिकरणों के जरिए आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि करीब 55 से 60 साल तक देश और प्रदेश में सत्ता में रहने के दौरान कांग्रेस ने जनजातीय समाज के लिए आखिर क्या किया। बिलासपुर में चार सूत्रीय मांगों को लेकर कोटवार संघ ने शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को संघ के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। कोटवारों ने सेवा भूमि पर अधिकार पारिश्रमिक बढ़ाने नियुक्ति में कथित अनियमितता रोकने और नगरीय क्षेत्रों में नियुक्ति शुरू करने की मांग की है। संघ का कहना है कि पीढ़ियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें पर्याप्त पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है। कोटवारों के मुताबिक वर्तमान में उन्हें करीब 3 से 4 हजार रुपये मिलते हैं जिसे बढ़ाकर कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाना चाहिए। संघ ने सेवा भूमि को लेकर राजस्व अधिकारियों की कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई है। साथ ही कोटवारी का काम करने वाले परिवारों को नियुक्ति में प्राथमिकता देने और नगरीय क्षेत्रों में नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर संघ ने दीपावली के बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में सड़क पर कार खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है। गणेश नगर चुचुहियापारा में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट के बाद दोनों पक्षों की शिकायत पर FIR दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कुछ युवक उनके घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस दौरान तनवीर और तौसीफ समेत कुछ युवकों पर आरोप लगाए गए हैं। वहीं उल्लू उर्फ रितिक रजत और अन्य युवकों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि मारपीट के बाद शिकायत करने पर उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर दिया गया। हालांकि दूसरे पक्ष ने भी मारपीट के आरोप लगाए हैं। ऐसे में पूरे मामले में दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। अब सिरगिट्टी पुलिस की जांच और सीएसपी परमेश्वर तिलकवार के पक्ष पर नजर है।