मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि राज्य में 500 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ AI मिशन को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 100 AI डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहयोग 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कैबिनेट ने राज्य में पहली बार हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए BEML को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने का भी फैसला लिया। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग में WAMIS डिजिटल सिस्टम लागू कर निर्माण कार्यों की स्वीकृति भुगतान और गुणवत्ता की रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में संशोधन अंजोर विजन-2047 के लिए ADB की तकनीकी सहायता परियोजना योजनाओं के पारदर्शी संचालन के लिए S-SNA मॉडल लागू करने और CSPGCL को 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड/NCD जारी करने की मंजूरी भी दी गई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से निवेश रोजगार पारदर्शिता और अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी। गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सरगीगुड़ा के टेकनपारा में आंगनबाड़ी केंद्र पिछले तीन महीनों से एक झोपड़ी में संचालित किया जा रहा है। भवन नहीं होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों को इसी अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई और पोषण सेवाएं दी जा रही हैं। बारिश के मौसम में झोपड़ी के आसपास जहरीले सांप-बिच्छुओं का खतरा बना रहता है जिससे बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं मिलने से यह स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्राम पंचायत और महिला एवं बाल विकास विभाग को मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मासूम बच्चों को सुरक्षित आंगनबाड़ी भवन कब मिलेगा। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर राज्य के पेंशनरों को जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) एरियर सहित जारी करने की मांग की। महासंघ का कहना है कि केंद्र सरकार अपने पेंशनरों को जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत डीआर का लाभ पहले ही दे चुकी है लेकिन छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। इससे राज्य के लाखों पेंशनरों में निराशा है। महासंघ ने ज्ञापन में कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच लंबित प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं इसलिए अब डीआर जारी करने में कोई बाधा नहीं है। संगठन ने सरकार से जल्द निर्णय लेकर सभी राज्य पेंशनरों को 2 प्रतिशत महंगाई राहत एरियर सहित प्रदान करने की मांग की। राजधानी रायपुर पुलिस ने 1.13 करोड़ रुपये की निवेश धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह की दो महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से की। पुलिस के अनुसार बालोद निवासी कारोबारी उमेश कुमार सिन्हा से कंपनी में 45 करोड़ रुपये का निवेश दिलाने का झांसा देकर आरोपियों ने फाइल प्रोसेसिंग विदेशी परीक्षण केमिकल और फंड रिलीज के नाम पर अलग-अलग किश्तों में 1.13 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने कथित Wash & Wash (ब्लैक मनी स्कैम) के जरिए काले नोटों को केमिकल से असली नोटों में बदलने का फर्जी प्रदर्शन कर पीड़ित का विश्वास जीता।तकनीकी जांच और बैंक लेनदेन के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने नागपुर से दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन 26 हजार रुपये नकद एटीएम कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय (कोलकाता) और दीपिका पालीवाल (उदयपुर) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह नागपुर लखनऊ समेत देश के कई राज्यों में इसी तरह की धोखाधड़ी को अंजाम दे चुका है। पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।