राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित पोषक सहारा–दिव्यांगजन उपकरण वितरण कार्यक्रम 2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर के दिव्यांग हितग्राहियों को 1739 सहायक उपकरण वितरित किए। इन उपकरणों की कुल लागत 1 करोड़ 58 लाख 48 हजार रुपये है। वितरित उपकरणों में ट्राइसाइकिल मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल व्हीलचेयर बैसाखियां हियरिंग एड स्टिक वॉकर नी-ब्रेस और कृत्रिम हाथ-पैर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा ऐसी योजनाएं आगे भी जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम के मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 7 करोड़ रुपये की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस राशि से स्टेडियम का आधुनिक तरीके से उन्नयन किया जाएगा जिससे खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं और उच्चस्तरीय अधोसंरचना उपलब्ध हो सकेगी। एग्रिस्टेक पोर्टल में मठ-मंदिरों की जमीनों के पंजीयन को लेकर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय एग्रिस्टेक पोर्टल में पंजीयन की आवश्यकता नहीं थी जबकि भाजपा सरकार ने पिछले साल भी पंजीयन कराया था। उनका दावा है कि पोर्टल पर कई लोग अब भी पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं। डहरिया ने कहा कि कांग्रेस शासन में मठ-मंदिरों की जमीन से होने वाली धान खरीदी बिना ऐसे पंजीयन के भी होती थी और इसके लिए अलग से पंजीयन की जरूरत नहीं पड़ती थी। सांसद बृजमोहन अग्रवाल–अमित कटारिया विवाद पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि राज्य सरकार का अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री और सांसदों की बात भी अधिकारी नहीं सुन रहे हैं। डहरिया ने कहा कि जनता के कामों में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए लेकिन प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह ठप नजर आ रही है और अराजकता का माहौल बना हुआ है। बृजमोहन अग्रवाल की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान होना चाहिए और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुनना आवश्यक है।