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राज्य
07-Jul-2026

बारिश के मौसम में पर्यटन स्थलों पर लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है इसका नजारा कटंगी स्थित प्रसिद्ध निदान वॉटरफॉल में देखने को मिला। यहाँ पिकनिक मनाने पहुंचे अधारताल निवासी आर्यन बर्मन और हर्ष शुक्ला अचानक आई तेज बारिश के कारण जलप्रपात के बीच बने टापू पर फंस गए। पहाड़ी नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि दोनों युवकों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय बीट गार्ड और पर्यटन विकास समिति के सदस्य तुरंत एक्शन में आए। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात तक चले एक जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों युवकों को उफनती लहरों के बीच से सकुशल बाहर निकाल लिया। समय रहते मिली मदद से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने मानसून को देखते हुए सैलानियों से नदी-नालों और वॉटरफॉल के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी है। नगर निगम ऑफिस के सामने से पूरी तरह ब्लैक फिल्म चढ़ी और बिना नंबर प्लेट की एक थार गाड़ी रॉन्ग साइड में तेज रफ्तार से दौड़ती हुई सिविक सेंटर पहुंची। कार का कोहराम देख आक्रोशित लोगों ने ट्रैफिक पुलिस को शिकायत की जिसके बाद पुलिस ने सिनेमा हॉल के पास घेराबंदी कर थार को रोका। पुलिस ने मौके पर ही कार के कांच से काली फिल्म हटवाई और चालक का चालान काटा। इसी अभियान के तहत पुलिस ने प्रेस कॉम्प्लेक्स में खड़ी एक अन्य ब्लैक थार से भी काली फिल्म हटवाकर चालानी कार्रवाई की है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से ऐसे रसूखदारों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाने की मांग की है। तिलवारा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर दो युवकों का रास्ता रोककर गाली-गलौज चाकूबाजी और कार से अपहरण करने वाले तीन शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तिलवारा थाना प्रभारी ब्रजेश मिश्रा ने बताया कि ओमती निवासी मोहम्मद कामरान अली और उसके दोस्त राहुल शर्मा को तिलवारा पुल के ऊपर अमन कोल विशाल ठाकुर चंद्रभान वर्मा उर्फ बहत्तर सिंह और उनके साथियों ने घेरा था। आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से उन पर चाकू से हमला किया और जबरन इनोवा कार में डालकर रांझी खमरिया ले गए जहाँ लाठी-डंडों और चाकू से बेरहमी से मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। शिकायत पर तिलवारा पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अपहरण और जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अपराधियों को घेराबंदी कर दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई इनोवा कार और चाकू बरामद कर तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया । गोरखपुर थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा एक व्यक्ति के साथ मारपीट के सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपना पक्ष साफ किया है। थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार मारपीट का आरोप लगाने वाला सतीश सोनकर कोई पीड़ित नहीं बल्कि पिछले दो दशकों से सक्रिय एक आदतन अपराधी है जिसके खिलाफ गोरखपुर थाने में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। मामला 5 जुलाई का है जब महर्षि स्कूल के पास पेट्रोलिंग टीम ने दबिश देकर सतीश सोनकर को 21 पाव देशी शराब के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आबकारी एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज किया और मामला जमानती होने के कारण कागजी कार्रवाई के बाद उसे सही-सलामत थाने से रिहा कर दिया। पुलिस ने इसके सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं जिसमें वह अपने पैरों पर चलकर सुरक्षित बाहर जाता दिख रहा है। रांझी के बजरंग नगर निवासी अर्चना सेन ने पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत दर्ज कराकर अपनी जान-माल की रक्षा की गुहार लगाई है। पीड़िता ने बताया कि उनका सेन परिवार से पिछले दो वर्षों से विवाद चल रहा है जिसके चलते आरोपी प्रदीप सेन जयश्री सेन रोहित सेन और प्रिंस सेन उन्हें लगातार झूठे मामलों में फंसाने मुकदमा वापस लेने और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। शिकायत के मुताबिक बीती 3 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने शराब के नशे में पीड़िता के घर में घुसकर गाली-गलौज की और केस वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद 19 जून 2026 की रात करीब 10 बजे जब पीड़िता मुख्य मार्ग पर पानी भरने गई थीं तब आरोपियों ने वीडियो बनाने का आरोप लगाते हुए उनके साथ गाली-गलौज की। इस दौरान जयश्री सेन ने पीड़िता के बाल नोच डाले और रोहित व प्रिंस ने उनके साथ हाथ पकड़कर धक्का-मुक्की की। पीड़िता ने पूर्व में रांझी थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी। अब उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने सोमवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर परिषद पनागर के उपयंत्री शुभम जैन को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस मामले में लोकायुक्त ने नगर परिषद के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अभिलाष रजक को भी आरोपी बनाया है। जानकारी के अनुसार आवेदक राजेंद्र कुमार सतनामी ने वर्ष 2024-25 में नगर परिषद की स्वास्थ्य शाखा में करीब 9 लाख 75 हजार रुपये की कीटनाशक सामग्री की सप्लाई की थी। इसी टेंडर के बकाया भुगतान और कार्यालय में जमा 48 हजार रुपये की फिक्स डिपॉजिट राशि जारी करने के एवज में उपयंत्री द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत के सत्यापन के बाद तय हुई 40 हजार रुपये की राशि जैसे ही उपयंत्री शुभम जैन ने ली लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। लोकायुक्त निरीक्षक जितेंद्र यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।